नई दिल्ली: T20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू हो गया है, लेकिन बहिष्कार का विवाद जारी है। इस बीच, रविवार शाम को लाहौर में PCB, ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक हुई. इस बैठक में PCB ने खुलकर अपनी शर्तें और आपत्तियां रखीं. हालांकि, ICC ने साफ संकेत दिया कि लंबे समय तक गतिरोध न केवल पाकिस्तान बल्कि वैश्विक क्रिकेट को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
चार घंटे चली इस बैठक में PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, बांग्लादेश के अमीनुल इस्लाम, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और एसोसिएट मेंबर्स के प्रतिनिधि मुबाशिर उस्मानी शामिल थे. बैठक का मकसद भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार को लेकर स्थिति को सुलझाना था. हालांकि, बातचीत के बाद कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया. सभी पक्षों ने संकेत दिया कि सरकारी मंजूरी के बाद घोषणा की जाएगी.
रिपोर्ट्स के अनुसार, PCB ने ICC के सामने तीन मुख्य मांगें रखीं. इनमें भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट फिर से शुरू करना, रेवेन्यू शेयरिंग में बढ़ोतरी और हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करना शामिल था. बोर्ड का मानना है कि ऐसी घटनाएं खेल की भावना और पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं.
एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि PCB ने एक अतिरिक्त मांग भी रखी. इसमें T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके बांग्लादेश को वित्तीय मुआवजा देना शामिल था. हालांकि, ICC ने साफ किया कि वह मुआवजा नहीं दे सकता, लेकिन बांग्लादेश को ICC की कुल कमाई में से उसका पूरा हिस्सा मिलेगा.
ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा ने PCB को सलाह दी कि वे इस विवाद को आर्बिट्रेशन कमेटी या बोर्ड मीटिंग में उठाएं. उन्होंने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को तुरंत खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया. उनका मानना है कि यह गतिरोध क्रिकेट के हित में नहीं है और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं.
PCB सूत्रों के अनुसार, भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया था. पाकिस्तानी सरकार बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाना चाहती थी. इसी वजह से टीम को 15 फरवरी को होने वाला मैच खेलने से रोक दिया गया. अब ICC को उम्मीद है कि पाकिस्तान जल्द ही कोई समझदारी भरा फैसला लेगा.