नई दिल्ली: नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में रहने की जिंदगी को लेकर एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. नोएडा निवासी नमिता शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि ऊंची-ऊंची इमारतों में सैकड़ों लोग आसपास रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई बार जिंदगी काफी अकेली लगती है.
नमिता के मुताबिक, बड़े-बड़े अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स बाहर से देखने पर भले ही एक समुदाय का हिस्सा लगते हों, लेकिन इनके अंदर रहने वाले लोगों के बीच वैसा जुड़ाव हमेशा देखने को नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को यह तक नहीं पता होता कि उनके सामने या बगल वाले फ्लैट में कौन रहता है.
उन्होंने अपने वीडियो में पड़ोसियों के बीच बातचीत की कमी का भी जिक्र किया है. उनका कहना है कि लोग अपनी-अपनी जिंदगी और काम में इतने व्यस्त हैं कि एक-दूसरे से बात करने या हालचाल पूछने का समय ही नहीं निकालते। यही वजह है कि एक ही बिल्डिंग में रहने के बावजूद लोगों के बीच दूरी बनी रहती है.
नमिता का वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट कर अपने अनुभव भी बताए. कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें भी हाईराइज सोसाइटियों में रहने के दौरान इसी तरह का अकेलापन महसूस हुआ है. वहीं, कुछ लोगों ने सवाल किया कि अगर पड़ोसी खुद बातचीत के लिए आगे न आएं, तो दोस्ती और अपनापन कैसे बढ़ेगा.
एक यूजर ने बताया कि उनकी मां को भी फ्लैट में रहने के दौरान बेचैनी महसूस होती है, क्योंकि उन्हें आसपास लोगों से मिलने-जुलने और बातचीत की कमी खलती है. हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि नौकरी करने वालों के लिए अपार्टमेंट लाइफ काफी सुविधाजनक है, क्योंकि वे दिन का ज्यादातर समय बाहर बिताते हैं.
नोएडा की हाईराइज लाइफ को लेकर यह पहली सोशल मीडिया चर्चा नहीं है. इससे पहले एक अन्य निवासी ने यहां की ऊंची इमारतों की तुलना मुंबई की चॉल से की थी. उन्होंने खासतौर पर लिफ्ट के लिए लंबा इंतजार और सीमित सुविधाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. इन चर्चाओं के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहा है कि क्या महंगी हाईराइज सोसाइटियां वास्तव में बेहतर जिंदगी और सामुदायिक माहौल देती हैं या फिर आधुनिक सुविधाओं के बीच लोग एक-दूसरे से और दूर होते जा रहे हैं.