अरुणाचल में भारी बारिश से तबाही, फ्लैश फ्लड में 5 जवान लापता और भूस्खलन में 4 की मौत

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद हालात बेहद बिगड़ गए हैं. दिबांग घाटी में फ्लैश फ्लड से सेना के दो शेल्टर बह गए, जबकि ऊपरी सुबनसिरी में भूस्खलन ने कई लोगों को मलबे में दबा दिया.

Date Updated Last Updated : 15 August 2026, 05:10 PM IST
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Courtesy: AI Generated

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार शाम हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी. दिबांग घाटी में अचानक आई बाढ़ ने सेना के दो शेल्टर बहा दिए, जिसके बाद 5 जवान लापता हैं. वहीं, ऊपरी सुबनसिरी जिले में हुए बड़े भूस्खलन में 4 लोगों की मौत हो गई. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक, दोनों घटनाएं शुक्रवार शाम की हैं. भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और कई जगहों पर भूस्खलन की स्थिति बन गई.

ऊपरी सुबनसिरी जिले में केओजारिंग-ब्याचिंग सड़क के कटाई स्थल पर अचानक बड़ा भूस्खलन हुआ. देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में कई मजदूर और अन्य लोग आ गए. हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों की पहचान तादू बाकी, ताजी राय, मार्कोश बसुमतारी और बाबुल अली के रूप में हुई है. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, बाबुल अली का शव मलबे से निकाल लिया गया है. बाकी लोगों के शवों की तलाश और राहत कार्य जारी है.

सेना के कैंप में फ्लैश फ्लड से तबाही

दिबांग घाटी के पसु पानी इलाके में स्थित सेना के कैंप में भी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए. 5वीं ग्रेनेडियर के दो शेल्टर अचानक आई फ्लैश फ्लड की तेज धारा में बह गए. इस दौरान कुल 7 सैन्यकर्मी पानी के तेज बहाव में फंस गए. इनमें से 2 जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 5 जवान अब भी लापता हैं. लापता जवानों में हवलदार उपेंद्र के साथ कुंदन, विनोद, आदित्य और समुंडा शामिल हैं. उनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है.

लापता जवानों को खोजने के लिए 5वीं ग्रेनेडियर की टीमें मौके पर तैनात हैं. इनके साथ ITBP की 58वीं बटालियन, सीमा सड़क संगठन की 62 RCC, अरुणाचल प्रदेश पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक भी तलाश अभियान में जुटे हैं. पासीघाट से SDRF की टीम को भी बचाव कार्य में लगाया गया है. प्रशासन और सुरक्षा बल खराब मौसम के बीच राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं. अधिकारियों की प्राथमिकता लापता जवानों का जल्द पता लगाना और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाना है.

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