नई दिल्ली: नोएडा से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है. जैसे-जैसे जनवरी अपने समापन की ओर बढ़ रही है वैसे-वैसे ठंड और कोहरे का प्रकोप और बढ़ता जा रहा है. नोएडा में घने कोहरे के कारण एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई. दरअसल कोहरे के कारण युवक की कार बाउंड्री से टकराकर गहरी खाई में गिर गई. खाई में गिरने से युवक की मौत हो गई जिस कारण अब लोगो में आक्रोश है.
ये दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब तकनीशियन युवराज मेहता अपनी कार में जा रहा था और घने कोहरे के बीच सड़क पर रिफ्लेक्टर न होने के कारण नियंत्रण खो बैठा. उनकी कार दो आस-पास जल निकासी बेसिनों को अलग करने वाली ऊँची पहाड़ी से टकराई और 70 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई.
हादसे के दौरान वहां से गुजर रहे लोगों ने इंजीनियर की चीखें सुनीं और मदद की कोशिश की, लेकिन कार पूरी तरह पानी में डूब चुकी थी. तकनीशियन ने अपने पिता, राजकुमार मेहता को फोन किया और कहा, "पिताजी, मैं पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गया हूं. प्लीज आकर मुझे बचा लीजिए. मैं मरना नहीं चाहता."
घटना की जानकारी मिलते ही कुछ ही मिनटों में स्थानीय पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू कर दिया. इस दौरान युवराज के पिता भी वहां मौजूद थे. लगभग पांच घंटे की कड़ी कोशिशों के बाद तकनीशियन और उनकी कार को खाई से बाहर निकाला गया, हालांकि तब तक युवराज अपने जीवन की जंग हार चुके थे और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
हादसे के बाद परिवार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि सड़क पर रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए थे और नालियों को ढका नहीं गया था. पिताजी राजकुमार मेहता ने कहा कि घने कोहरे में रिफ्लेक्टर न होने के कारण यह हादसा हुआ. अब इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के प्रभारी सर्वेश कुमार ने कहा कि मामले में लापरवाही पाए जाने पर जांच की जाएगी और कानूनी कार्रवाई होगी.
इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है. कई लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए. यह हादसा स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.