ट्रेड पर तकरार के बीच ट्रंप ने पीएम मोदी को किया फोन, अमेरिका के मूड में बदलाव का क्या है कारण?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है. यह वार्ता ऐसे समय में हुई, जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों पर तनाव बना हुआ है

Date Updated Last Updated : 02 February 2026, 10:23 PM IST
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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है. यह वार्ता ऐसे समय में हुई, जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों पर तनाव बना हुआ है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत की जानकारी साझा की. सर्जियो गोर न केवल भारत में अमेरिकी राजदूत हैं, बल्कि दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करके ट्रंप और मोदी के बीच हुई इस चर्चा के बारे में बताया.

बातचीत का ऑफिशियल ब्यौरा जारी नहीं

अभी तक किसी भी पक्ष ने बातचीत का कोई ऑफिशियल ब्यौरा जारी नहीं किया है. ट्रंप की ट्रुथ सोशल पोस्ट में शेयर की गई इमेज के अलावा कोई और डिटेल नहीं दी गई है. यह बातचीत दोनों देशों के रिश्तों में एक नाजुक मोड़ पर हुई है. इसमें टैरिफ, मार्केट एक्सेस और एनर्जी ट्रेड को लेकर असहमति है. इसमें भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना भी शामिल है .यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर पहले ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने भारतीय एक्सपोर्ट पर भारी टैरिफ लगाए थे.

ट्रंप और मोदी की दोस्ती सच्ची

सर्जियो गोर जिन्हें 2025 के आखिर में भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर कन्फर्म किया गया था. इन्होंने जनवरी 2026 में अपना परिचय पत्र पेश किया था. वे डिप्लोमेटिक बातचीत को फिर से शुरू करने में एक अहम बातचीत करने वाले रहे हैं. उन्होंने बार-बार ट्रंप और मोदी की दोस्ती को सच्ची बताया है और कहा है कि दोनों पक्ष मतभेदों को सुलझाने के साथ-साथ संबंधों को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वर्चुअल बातचीत

हाल के हफ्तों में भारत और अमेरिका ने एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वर्चुअल बातचीत भी फिर से शुरू की है. इसका मकसद लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों को दूर करना रक्षा टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग का विस्तार करना है. दोनों पक्षों ने लगातार बातचीत के प्रति प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि अभी तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं की गई है.

संबंधों को मजबूत बताने की कोशिश

तनाव के बावजूद दोनों सरकारों ने अपने संबंधों को मजबूत बताने की कोशिश की है. गोर ने इस बात पर जोर दिया है कि हालांकि असहमति किसी भी मजबूत साझेदारी का हिस्सा होती है. भारत-अमेरिका संबंध दोनों देशों की विदेश नीति के उद्देश्यों की आधारशिला बना हुआ है.

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