नई दिल्ली: अमेरिका में नए साल के जश्न से ठीक पहले एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया. नॉर्थ कैरोलिना के मिंट हिल इलाके में रहने वाले 18 वर्षीय युवक क्रिश्चियन स्टरडिवेंट को एफबीआई ने गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि वह आतंकी संगठन ISIS से प्रभावित होकर न्यू ईयर ईव के दिन लोगों पर हमला करने की योजना बना रहा था. हालांकि समय रहते ही उसके इस नापाक इरादे को परखकर उसे रोक दिया गया.
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, क्रिश्चियन सोशल मीडिया के जरिए ISIS की विचारधारा से प्रभावित था. ISIS से वह इतना प्रभावित हो गया कि वह खुद को इस आतंकी संगठन का समर्थक बताने लगा.
इतना ही नहीं उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इससे जुड़े कई आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए थे. दिसंबर 2025 में की गई इन पोस्ट्स में उसने गैर-मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत भरी भाषा का इस्तेमाल किया था. क्रिश्चियन के पोस्ट से उसके अंदर दूसरे धर्मों के लिए पल रही नफरत को साफ तौर पर परखा जा सकता है.
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी क्रिश्चियन हथौड़े और चाकू जैसे हथियारों से लोगों पर हमला करने की तैयारी कर रहा था. वह नॉर्थ कैरोलिना के एक किराना स्टोर और एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट को निशाना बनाना चाहता था, जहां अधिक संख्या में लोग मौजूद रहते हैं. इसके लिए उसने जरूरी सामान भी इकट्ठा कर लिया था, जिसमें कपड़े, दस्ताने और मास्क शामिल थे.
🚨 BREAKING: The FBI has FOILED ANOTHER Islamist terror attack planned for New Year's Eve in North Carolina
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) January 2, 2026
"The subject was directly inspired to act by ISIS."
PATEL: "Thanks to our great partners for working with us and undoubtedly saving lives." 🇺🇸 pic.twitter.com/BknS5SXAIA
क्रिश्चियन पर शक होने के कारण 29 दिसंबर को एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की. इस दौरान एक नोटबुक बरामद हुई, जिस पर “न्यू ईयर अटैक 2026” लिखा हुआ था. इस नोटबुक में 20 से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने की योजना विस्तार से लिखी गई थी. इसमें यह भी उल्लेखनीय था कि हमले के बाद वह पुलिस पर भी हमला करने की सोच रहा था.
हालांकि, उसके परिवार के एक सदस्य ने समय रहते कुछ हथियार छुपा दिए थे, लेकिन पुलिस को उसके कमरे से हथौड़े, चाकू, संभावित टारगेट की सूची और अन्य सामान मिल गया.
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई एफबीआई, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त सतर्कता का नतीजा है. अगर आरोपी पर लगे आरोप साबित होते हैं, तो उसे 20 साल तक की संघीय जेल की सजा हो सकती है.
इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं, क्योंकि इससे नए साल के मौके पर एक संभावित बड़े आतंकी हमले को टाल दिया.