पाकिस्तान में तख्तापलट की अटकलें तेज, इस्लामाबाद सील, आसिम मुनीर पर बढ़ी चर्चा

पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जबकि शहबाज शरीफ सरकार पर दबाव बढ़ने की चर्चाएं तेज हैं. उधर, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के इतिहास के सबसे बड़े घोटाले का दावा करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

Date Updated Last Updated : 04 August 2026, 06:20 PM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर अस्थिरता की चर्चाएं तेज हो गई हैं. बता दें, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है और सत्ता परिवर्तन को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है. वहीं इन चर्चाओं के बीच राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई प्रमुख इलाकों में कंटेनर लगाकर आवाजाही सीमित कर दी गई है. 

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने उठाए गंभीर सवाल 

राजनीतिक हलचल उस समय और बढ़ गई जब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश की शासन व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें न्यायपालिका, नौकरशाही, राजनीति और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. 

मोहसिन नकवी ने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में विभिन्न संस्थानों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है और देश की प्रशासनिक व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है. उनके इन बयानों के बाद पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. 

असीम मुनीर के करीबी गृह मंंत्री 

रणनीतिकारों का मानना है कि गृह मंत्री मोहसिन नकवी को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर का करीबी माना जाता है इसी वजह से उनके हालिया बयानों को सामान्य राजनीतिक टिप्पणी के बजाय सत्ता समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 

वहीं, शहबाज शरीफ सरकार के सहयोगियों ने इन बयानों पर नाराजगी जताई है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना नाम लिए कहा कि अगर सरकार में शामिल कोई वरिष्ठ मंत्री सार्वजनिक रूप से शासन व्यवस्था पर सवाल उठाता है, तो इससे सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी प्रभावित होती है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कैबिनेट के भीतर बेहतर समन्वय की आवश्यकता है. 

पाकिस्तान सरकार की ओर से नहीं आया कोई बयान 

फिलहाल पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से सत्ता परिवर्तन अथवा तख्तापलट की अटकलों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. हालांकि गृह मंत्री के बयानों और बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों ने पाकिस्तान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है. 

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