नई दिल्ली: सोमवार तड़के मिस्र में आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को नींद से जगा दिया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 दर्ज की गई. रात के सन्नाटे में अचानक धरती हिलने से कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए. राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के अनुसार अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक भूकंप देर रात करीब 12 बजे स्थानीय समय पर आया, जबकि भारतीय समयानुसार इसके झटके सोमवार सुबह करीब 3 बजे महसूस किए गए. संस्था ने बताया कि भूकंप की गहराई जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर थी. कम गहराई होने की वजह से कई इलाकों में लोगों ने कंपन को साफ महसूस किया.
मिस्र के अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र सूएज शहर से करीब 38 किलोमीटर दूर स्थित था. वहीं, यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) ने इसका केंद्र सूएज से लगभग 29 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया है. अलग-अलग एजेंसियों की ओर से स्थान को लेकर मामूली अंतर जरूर बताया गया, लेकिन सभी ने पुष्टि की कि भूकंप का केंद्र सूएज के आसपास का क्षेत्र था.
भूकंप का असर केवल मिस्र तक सीमित नहीं रहा. राजधानी काहिरा, गीजा और अन्य कई प्रांतों के अलावा फिलिस्तीन, इजराइल, जॉर्डन, लेबनान और साइप्रस के कुछ हिस्सों में भी लोगों ने झटके महसूस किए. कई जगह लोग एहतियात के तौर पर इमारतों से बाहर निकल आए.
भूकंप के बाद मिस्र रेड क्रिसेंट ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय कर दिया. फिलहाल किसी भी तरह के बड़े नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. अधिकारियों ने लोगों से पुरानी और जर्जर इमारतों से दूर रहने, घबराने से बचने और केवल सरकारी व आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है. साथ ही अफवाहों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.