'अब नहीं तो कभी नहीं', ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी, समझौते पर दिया अंतिम अल्टीमेटम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई वार्ता से पहले कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने समझौते को अंतिम मौका बताते हुए परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका का रुख स्पष्ट कर दिया है.

Date Updated Last Updated : 04 August 2026, 10:12 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बार फिर माहौल गरमा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी वार्ता उसके लिए समझौते का अंतिम अवसर हो सकती है. ट्रंप का कहना है कि यदि बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिका अपने अगले कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. इस बयान के बाद दोनों देशों के रिश्तों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से चर्चा तेज हो गई है.

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले एक या दो दिनों में नई वार्ता शुरू होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि बातचीत का पहला उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही को सामान्य करना होगा. इसके बाद दूसरे चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की जाएगी. ट्रंप के अनुसार, परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा जटिल है और इसे अंतिम रूप देने में समय लग सकता है.

खाड़ी देशों की अपील पर टला हमला

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर चुका था. उनके मुताबिक, यह कार्रवाई द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई हो सकती थी. हालांकि, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुछ ईरानी प्रतिनिधियों की अपील के बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोकने का फैसला लिया. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हुए बातचीत का एक और अवसर दिया है.

ईरान के रुख पर जताई नाराजगी

ट्रंप ने ईरान के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें तेहरान ने कहा था कि ओमान के साथ उसकी बातचीत केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तक सीमित है. इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान सार्वजनिक रूप से बातचीत से इनकार करता है, जबकि पर्दे के पीछे वार्ता जारी रहती है. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है और इसी विषय पर बातचीत केंद्रित रहेगी.

समझौते के लिए बताया अंतिम अवसर

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि वह ईरान को समझौते का अंतिम मौका दे रहे हैं. उनके अनुसार, यदि यह अवसर भी गंवाया गया, तो अमेरिका आगे की कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान इस बार बातचीत के जरिए समाधान निकालने का रास्ता चुनेगा, ताकि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सके.

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