भारत में फिर से चलने लगा Telegram, जून की कार्रवाई के पीछे क्या थी असली वजह?

जून में केंद्र सरकार के निर्देश पर हटाए जाने के बाद टेलीग्राम ऐप अब भारत में फिर से उपलब्ध हो गया है. इस फैसले के बाद अब टेलीग्राम को सामान्य रूप से डाउनलोड करके इस्तेमाल किया जा सकता है.

Date Updated Last Updated : 04 August 2026, 11:00 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: भारत में टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप एक बार फिर यूजर्स के लिए उपलब्ध हो गया है. बता दें कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद ने जून में टेलीग्राम को कुछ समय के लिए प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटा दिया गया था. हालांकि अब चरणबद्ध तरीके से ऐप की वापसी हो चुकी है. अब यूजर्स को टेलीग्राम प्ले स्टोर और ऐप स्टोर में दिखाई देगा. इस फैसले के बाद अब टेलीग्राम को सामान्य रूप से डाउनलोड करके इस्तेमाल किया जा सकता है. 

बता दें कि केंद्र सरकार ने जून में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 69A के तहत टेलीग्राम को ऐप स्टोर और प्ले स्टोर से हटाने के निर्देश दिए थे. इस कानून के तहत सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और देश की संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या कंटेंट तक लोगों की पहुंच सीमित करने का अधिकार प्राप्त है. इसी प्रावधान के तहत यह कदम उठाया गया था.

NEET-UG री-एग्जाम से जुड़ी थी चिंता

सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण NEET-UG री-एग्जाम की सुरक्षा को बताया गया. अधिकारियों को आशंका थी कि परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी या प्रश्नपत्र टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से लीक किए जा सकते हैं. चूंकि NEET-UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, इसलिए परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई.

परीक्षा पूरी होने के बाद हुई बहाली

NEET-UG री-एग्जाम संपन्न होने के बाद टेलीग्राम को दोबारा बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई. 23 जून से सबसे पहले गूगल ने अपने प्ले स्टोर पर ऐप की लिस्टिंग फिर से शुरू की. इसके बाद एप्पल ने भी ऐप स्टोर पर टेलीग्राम को उपलब्ध करा दिया. धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए इसकी पहुंच बहाल कर दी गई और अब यह सामान्य रूप से डाउनलोड किया जा सकता है.

क्या है टेलीग्राम ऐप?

टेलीग्राम एक क्लाउड आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल टेक्स्ट मैसेज भेजने, फोटो और वीडियो साझा करने, ऑडियो कॉल, बड़े ग्रुप और चैनल बनाने जैसे कई कामों के लिए किया जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में पावेल दुरोव ने की थी. दुनियाभर में करोड़ों लोग इस प्लेटफॉर्म का उपयोग व्यक्तिगत और पेशेवर संवाद के लिए करते हैं.

पहले भी लगते रहे हैं कई आरोप

हालांकि टेलीग्राम लंबे समय से विवादों में भी रहा है. इस प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई चैनल और ग्रुप होने के आरोप लगते रहे हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी, हैकिंग और अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है. सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई करती रही हैं. इसी वजह से टेलीग्राम की गतिविधियां कई बार जांच एजेंसियों की निगरानी में भी रही हैं.

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