नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयानक रूप अख्तियार कर लिया है. गुरुवार तड़के रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से विनाशकारी हवाई हमला किया. हाल के महीनों में इसे रूस का सबसे बड़ा और घातक हमला माना जा रहा है. देर रात जैसे ही रूसी मिसाइलों ने यूक्रेन के आसमान में तबाही मचाना शुरू किया, पूरे कीव में एयर रेड सायरन गूंज उठे. अपनी जान बचाने के लिए हजारों नागरिक कड़कड़ाती ठंड और खौफ के बीच मेट्रो स्टेशनों और भूमिगत बंकरों में शरण लेने को मजबूर हो गए. इस भीषण हमले के बाद पड़ोसी नाटो देश पोलैंड में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
आसमान में गूंजे धमाके
कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार, रूसी मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों ने मध्य कीव के शेवचेंको बुलेवार्ड स्थित एक नामी होटल को निशाना बनाया, जिससे उसकी ऊपरी मंजिलों में भीषण आग लग गई. पूरी रात यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम रूसी हमलों को इंटरसेप्ट करने में जुटा रहा, जिसके चलते आसमान में ट्रेसर फायर की रोशनी साफ देखी गई.
मलबे के नीचे दबे मासूम
इस हमले ने रहने वाले इलाकों को बहुत नुकसान पहुंचाया है. एक 9 मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा गिर जाने से कई आम नागरिक मलबे के नीचे दब गए. बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को मलबे से बाहर निकाला.
रूस की क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगता है कि एक एम्बुलेंस स्टेशन भी इस हमले में आ गया, जहां एक पैरामेडिक गंभीर रूप से घायल हो गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक 11 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, और मलबा हटाने पर और भी लोग मारे जाने की आशंका है.
जेलेंस्की ने बीच में छोड़ा विदेशी दौरा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आयरलैंड के डबलिन का अपना आधिकारिक दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तुरंत वापस आ गए. जेलेंस्की ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें पहले ही रूस के इस बड़े हवाई हमले की चेतावनी दे दी थी.
पोलैंड में अलर्ट जारी
इस हमले का असर यूक्रेन की सीमाओं से परे पोलैंड तक पहुंच गया है. सुरक्षा को देखते हुए नाटो सदस्य पोलैंड की सेना ने तुरंत अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों को गश्त के लिए रवाना कर दिया. इसके साथ ही पोलैंड ने अपनी एयर डिफेंस मिसाइल प्रणालियों और रडार यूनिट्स को हाई अलर्ट पर डाल दिया है, ताकि यूक्रेन से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके.