कॉलेज में कपड़े उतारकर सुर्खियों में आईं आहू दरयाई, अब कैसी है उनकी जिंदगी?

2 नवंबर 2024 को ईरान की यूनिवर्सिटी कैंपस में अंडरगारमेंट्स में घूमने वाली आहू दरयाई का वीडियो दुनियाभर में वायरल हुआ था. अब करीब 1 साल 9 महीने बाद रिपोर्ट के मुताबिक, 32 वर्षीय आहू दूसरी यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल्स की पढ़ाई कर रही हैं.

Date Updated Last Updated : 16 August 2026, 01:17 PM IST
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Courtesy: X/ @isaacrrr7

नई दिल्ली: 2 नवंबर 2024 को ईरान की राजधानी तेहरान स्थित इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी में आहू दरयाई नाम की छात्रा का एक वीडियो सामने आया था. बता दें, वीडियो में वह सिर्फ अंडरगारमेंट्स में कैंपस में घूमती नजर आई थी. इस घटना के बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो दुनियाभर में वायरल हुए और इसे ईरान में महिलाओं पर लागू ड्रेस कोड के विरोध से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.

अब कहां है वायरल गर्ल आहू

वहीं अब करीब एक साल नौ महीने बाद ब्रिटेन के डेली मेल की एक रिपोर्ट में आहू की मौजूदा स्थिति को लेकर जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, अब 32 वर्षीय आहू एक दूसरी यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल्स की पढ़ाई कर रही हैं. रिपोर्ट में आहू के एक करीबी दोस्त के हवाले से दावा किया गया है कि घटना से पहले यूनिवर्सिटी में उनका हिजाब सिर से खिसक गया था. कथित तौर पर कुछ अधिकारियों ने उन्हें रोककर एक कमरे की ओर ले जाने की कोशिश की. दोस्त के अनुसार, इस दौरान उनके कपड़े खिंचने से फटने लगे, जिसके बाद आहू ने खुद कपड़े उतार दिए और कैंपस में घूमने लगीं. 

बिस्तर से बांधे गए हाथ-पैर 

इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर एक वैन में बैठाया। दोस्त ने दावा किया कि रास्ते में उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद उन्हें दवा दी गई. इतना ही नहीं बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके हाथ-पैर बिस्तर से बांधे जाने का भी दावा किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, 18 दिन बाद आहू को अस्पताल से छुट्टी मिली। उनके दोस्त का आरोप है कि रिहाई के बाद भी उन पर निगरानी रखी गई और मानसिक बीमारी का मरीज बताए जाने का प्रयास हुआ. उन्हें नियमित रूप से फ्लूपेंटिक्सोल का इंजेक्शन लेने की सलाह दी गई. 

रिहाई को लेकर की गई मांग 

इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया हुई थी. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आहू की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की थी. वहीं, ब्रिटेन में ईरानी कार्यकर्ताओं ने भी उनके समर्थन में प्रदर्शन किया था. दूसरी ओर, ईरानी सरकार ने घटना को महिलाओं के ड्रेस कोड के विरोध से जोड़ने और गिरफ्तारी के दौरान हिंसा के आरोपों से इनकार किया था. आज भी आहू दरयाई का वह वीडियो ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत अधिकारों और सरकारी नियंत्रण को लेकर जारी बहस का प्रतीक माना जाता है. 

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