ईरान नहीं माना तो बढ़ेगा तेल संकट! ट्रंप की अमेरिकियों को बड़ी चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट संकट ने वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप ने अमेरिकियों को चेतावनी दी है कि ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए उन्हें महंगे तेल की कीमत चुकानी पड़ सकती है.

Date Updated Last Updated : 16 August 2026, 10:16 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नागरिकों को महंगे तेल के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है.

ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश में अमेरिका

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने संकेत दिया कि ईरान को दबाव में लाने के लिए अमेरिकी लोगों को कुछ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिलहाल ठप है. दोनों देशों के बीच पहले जिस संभावित समझौते की उम्मीद बनी थी, उस दिशा में आगे बढ़ने के संकेत फिलहाल कमजोर हैं.

होर्मुज स्ट्रेट बना बड़ा मुद्दा

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है. यहां जहाजों की आवाजाही कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. ट्रंप का कहना है कि स्ट्रेट खुला हुआ है, लेकिन सामान्य स्थिति की तुलना में अब बेहद कम जहाज इस रास्ते से गुजर रहे हैं. कुछ जहाज जोखिम उठाकर ट्रांसपोंडर बंद करके भी आवाजाही कर रहे हैं.

ईरान ने साफ किया अपना रुख

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के दबाव के आगे झुकने से इनकार किया है. ईरानी उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खोलना या बंद करना ईरान के अधिकार क्षेत्र का विषय है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है. ईरान का रुख है कि स्ट्रेट खोलने के लिए उसकी शर्तों को स्वीकार करना होगा.

पायलटों को लेकर भी बढ़ा विवाद

इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसके तीन लड़ाकू विमान पायलट कतर के कब्जे में हैं. ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के प्रतिनिधियों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है. ईरान ने इसे जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन बताया है. दूसरी ओर, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों की खबर ने भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है. स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अंसार गांव में हमले में नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं.

कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान गतिरोध और होर्मुज स्ट्रेट में बाधित आवाजाही ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो इसका असर तेल की कीमतों के साथ-साथ दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ सकता है.

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