क्रू पर बढ़ा मानसिक दबाव, अमेरिका को अचानक बदलना पड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर

यूएसएस अब्राहम लिंकन पर लंबे समय से तैनाती के कारण क्रू की थकान और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना ने संकट की रिपोर्टों को खारिज किया है.

Date Updated Last Updated : 14 August 2026, 11:57 AM IST
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Courtesy: Gemini

नई दिल्ली: अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने नौसैनिक अभियान को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. रिपोर्टों के मुताबिक, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को मिडिल ईस्ट की ओर भेजा जा रहा है, जहां वह यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह ले सकता है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव पहले से तय नौसैनिक रोटेशन का हिस्सा है और इसका सीधा संबंध लिंकन के हालात को लेकर उठी चिंताओं से नहीं है.

250 दिनों से ज्यादा समुद्र में यूएसएस लिंकन

यूएसएस अब्राहम लिंकन करीब 5,000 नाविकों और मरीन के साथ लंबे समय से समुद्र में तैनात है. यह जहाज 21 नवंबर को सैन डिएगो से रवाना हुआ था और शुरुआत में इसका मिशन प्रशांत क्षेत्र में था. बाद में ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध के बाद इसे मिडिल ईस्ट की ओर मोड़ दिया गया.

कानून निर्माताओं और परिवारों के मुताबिक, जहाज ने लंबे समय से किसी बंदरगाह पर नियमित ठहराव नहीं किया है. इससे चालक दल पर थकान और मानसिक दबाव बढ़ने की चिंताएं सामने आई हैं.

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर परिवार चिंतित

कुछ परिवारों और सांसदों ने जहाज पर मौजूद जवानों की मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है. ऐसी रिपोर्टें भी सामने आई हैं कि कुछ नाविकों ने जहाज से समुद्र में जाने की कोशिश की. एक मामले में साथी चालक दल के सदस्य ने कथित तौर पर एक नाविक को रोक लिया.

परिजनों ने सैन्य अधिकारियों के सामने लंबे मिशन, घर लौटने की अनिश्चितता और जहाज पर सुविधाओं को लेकर शिकायतें रखी हैं. कुछ सांसदों को पानी, प्लंबिंग, मेल सेवा, भोजन और जरूरी सामान की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं की भी जानकारी मिली है.

अमेरिकी नौसेना ने दावों को बताया गलत

अमेरिकी नौसेना ने USS Lincoln पर बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट की रिपोर्टों को खारिज किया है. नौसेना का कहना है कि उसे आत्महत्या के विचार या प्रयासों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं मिली है. अधिकारियों के अनुसार, जवानों को काउंसलर और चैपलिन जैसी सहायता उपलब्ध है.

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी जहाज की खराब स्थिति से जुड़ी रिपोर्टों को गलत तरीके से पेश किया गया बताया है. हालांकि नौसेना ने माना है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे भोजन, स्वच्छता सामग्री और डाक पहुंचने में देरी हुई.

यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन की ओर सबकी नजर

यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन हाल ही में वियतनाम से रवाना हुआ और सिंगापुर स्ट्रेट तथा मलक्का स्ट्रेट से गुजरते हुए हिंद महासागर की ओर बढ़ा है. अब उसका स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है. इससे ईरान के साथ तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और महत्वपूर्ण हो गई है.

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