'दिल का दौरा पड़ सकता है', ईरान ने नए हथियार से अमेरिका-इजरायल को दी धमकी

ईरान ने नए हथियार के संकेत देते हुए अमेरिका और इज़राइल को कड़ी चेतावनी दी है. ईरान का दावा है कि यह हथियार दुश्मनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

Date Updated Last Updated : 30 April 2026, 03:52 PM IST
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Courtesy: social media

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक नए हथियार के संकेत देकर अमेरिका और इज़राइल को कड़ी चेतावनी दी है. ईरान का दावा है कि यह हथियार उसके दुश्मनों के लिए इतना खतरनाक साबित हो सकता है कि उन्हें "दिल का दौरा" तक पड़ सकता है.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तीन सूत्री प्रस्ताव को खारिज कर दिया और उसकी तेल पाइपलाइनों के “विस्फोट” होने की बात कही. दोनों देशों के बीच बयानबाजी ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है.

ईरानी नौसेना कमांडर का बड़ा दावा

ईरान के नौसेना कमांडर शाहराम ईरानी ने कहा कि देश बहुत जल्द अपने दुश्मनों का सामना एक ऐसे हथियार से करेगा, जिससे वे "बेहद भयभीत" हैं.

उन्होंने ट्रंप के उन बयानों का भी मजाक उड़ाया, जिनमें ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म करने का दावा किया गया था. ईरानी ने कहा कि अगर दुश्मन यह सोचते हैं कि वे इस संघर्ष में अपने मनमुताबिक नतीजे हासिल कर लेंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है.

ईरानी मीडिया में बयान

ईरानी मीडिया के अनुसार, शाहराम ईरानी ने कहा,"उन्होंने ईरान के खिलाफ अपने नवीनतम अकारण आक्रमण के माध्यम से कम से कम समय में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की कोशिश की थी. सैन्य अकादमियों में अब यह धारणा एक मजाक बनकर रह गई है."

ट्रंप के दावों पर प्रतिक्रिया

डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि ईरान की सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को कभी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान की गैस पाइपलाइन और तेल ढांचा जल्द ही “फट” सकता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता होने तक प्रतिबंध जारी रहेंगे.

तेल कीमतों को लेकर ईरान की चेतावनी

ईरान ने ट्रंप के “विस्फोट” वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी चेतावनी के बावजूद कोई तेल कुआं नहीं फटा.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा,
"तीन दिन बीत गए, कोई कुआँ नहीं फटा. हम इसे बढ़ाकर 30 तक कर सकते हैं और यहाँ कुएँ का लाइव प्रसारण कर सकते हैं. इस तरह की बेकार सलाह अमेरिकी प्रशासन को बेसेंट जैसे लोगों से मिलती है, जो नाकाबंदी के सिद्धांत को बढ़ावा देते हैं और तेल की कीमत को 120 डॉलर से ऊपर तक ले गए. अगला पड़ाव: 140 डॉलर. मुद्दा सिद्धांत नहीं, मानसिकता है,"

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात में कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.

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