नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की से अलग-अलग मुलाकात की. दोनों नेताओं के साथ हुई बैठकों को मौजूदा वैश्विक हालात के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. एक तरफ पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध भी थमने का नाम नहीं ले रहा. ऐसे में अमेरिका दोनों मोर्चों पर अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटा है.
व्हाइट हाउस में हुई दोनों बैठकें पूरी तरह बंद कमरे में आयोजित की गईं. इसलिए बातचीत के विस्तृत बिंदु सार्वजनिक नहीं किए गए. हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों मुलाकातें सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुईं. माना जा रहा है कि इन बैठकों में अमेरिका की भविष्य की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.
बैठकों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा लिया. ग्राहम लंबे समय से इजरायल और यूक्रेन दोनों के मजबूत समर्थक माने जाते थे. इसी महीने उनका निधन हुआ था, जिसके बाद कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
ट्रंप और नेतन्याहू की बैठक में सबसे प्रमुख विषय ईरान से जुड़ा रहा. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया. बैठक से पहले ट्रंप ने ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने को लेकर नेतन्याहू की संभावित जानकारी साझा करने की खबरों पर नाराजगी जताई थी. हालांकि, मुलाकात के बाद जारी तस्वीरों में दोनों नेता सामान्य और सकारात्मक माहौल में दिखाई दिए. बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी मौजूद रहे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान सीमा की स्थिति, हिज्बुल्लाह की गतिविधियां और अब्राहम समझौते के भविष्य जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ हुई बैठक का मुख्य फोकस यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूत करना रहा. जेलेंस्की ने मुलाकात के बाद इसे उपयोगी और रचनात्मक बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने, पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के लाइसेंस और रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की. रूस की ओर से लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन इन प्रणालियों को अपनी सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानता है.
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने ड्रोन तकनीक में सहयोग बढ़ाने और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही शांति प्रक्रिया पर भी विचार किया. जेलेंस्की ने हालिया नाटो बैठकों में हुए फैसलों को जल्द लागू करने की जरूरत पर जोर दिया. व्हाइट हाउस की बैठक के बाद वह कैपिटल हिल भी पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिकी सांसदों से मुलाकात कर भविष्य में यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.