किडनी सिस्ट तब होता है जब नेफ्रॉन की नलिका में होने लगती है सूजन 

Kidney Cyst Disease: किडनी सिस्ट एक गंभीर बीमारी है. इस बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर खतरा बढ़ सकता है. आइए जानते हैं किडनी सिस्ट बीमारी के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में.

Date Updated Last Updated : 16 May 2024, 03:36 PM IST
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kidney Cyst Symptoms: किडनी सिस्ट एक ऐसी समस्या है जिसमें किडनी में ठोस से भरे छाले विकसित हो जाते हैं.  ये अल्सर किडनी में या उसके आसपास होते हैं. बहुत से लोग नहीं जानते कि यह समस्या क्या है. अगर इस समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह बीमारी और भी बढ़ सकती है. यह बाकी शरीर में भी प्रभावित हो सकता है. ऐसे में समय रहते इस समस्या का समाधान करना जरूरी है. किडनी सिस्ट के बाद शरीर अलग-अलग संकेत देता है. आइए  जानते हैं किडनी सिस्ट के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में.

लक्षण: किडनी सिस्ट के दौरान कमर और पीठ में ज्यादा दर्द होना, कभी-कभी बुखार, जल्दी पेशाब आना, पेशाब में खून आना या गहरे रंग का पेशाब जैसे लक्षण नजर आते हैं. अगर कभी आपको ऐसे लक्षण नजर आए तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें. किडनी फंक्शन किस प्रकार प्रभावित हो सकती है यह इस बात पर निर्भर करता है कि किडनी सिस्ट कहां स्थित है. अगर ज्यादा फ्लूइड को फिल्टर करने से रोकता है तो आप हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो सकते हैं.

किडनी सिस्ट के कारण

डॉक्टरों का कहना है कि किडनी सिस्ट तब होता है जब नेफ्रॉन की नलिका में सूजन होने लगती है और उसमें फ्लूइड  भरने लगता है. इस समस्या का अभी तक कोई स्पष्ट कारण नहीं है लेकिन यह जेनेटिक के कारण भी किडनी सिस्ट हो सकता है.

इलाज: अगर किसी व्यक्ति को एक से ज्यादा किडनी सिस्ट है तो उस व्यक्ति को सबसे पहले डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. शुरुआती लक्षणों के आधार पर डॉक्टर इलाज लिख सकते हैं. लेकिन गंभीर मामलों में, स्क्लेरोथेरेपी का उपयोग करके गुर्दे में पानी से भरे सिस्ट को हटा दिया जाता है. यदि किडनी में सिस्ट की मात्रा अधिक हो तो डॉक्टर द्वारा लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सलाह दी जाती है.

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