ऋषिकेश में गंगा किनारे कचरा फेंकने का वीडियो वायरल, पर्यावरण पर छिड़ी बहस

वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि पवित्र गंगा नदी के किनारे पूजा से जुड़ा कचरा फेंका जा रहा है. इस घटना ने नागरिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

Date Updated Last Updated : 13 April 2026, 11:44 AM IST
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Courtesy: Instagram

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश से एक वीडियो सामने आया जोकि सोशल मीडिया पर तेज से वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम अपनी आस्था के नाम पर प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि पवित्र गंगा नदी के किनारे पूजा से जुड़ा कचरा फेंका जा रहा है. इस घटना ने नागरिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

यह वीडियो सिएरा लिलियन नाम की एक विदेशी टूरिस्ट ने इंस्टाग्राम पर साझा किया. वीडियो में एक महिला को गंगा किनारे रेत में गड्ढा खोदकर पूजा का कचरा दबाते हुए देखा गया. बताया गया कि इस कचरे में प्लास्टिक जैसी गैर-जैविक चीजें भी शामिल थीं, जो पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक हैं.

नदी किनारे फेंका कचरा

विदेश टूरिस्ट लिलियन ने बताया कि वह साई घाट पर बैठी थीं, तभी एक महिला आई और उनके सामने ही कचरा दबाने लगी. उन्होंने महिला से इस व्यवहार के बारे में सवाल भी किया, लेकिन महिला ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया. इस पर पर्यटक ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह गंगा जैसी पवित्र नदी के प्रति अनादर है.

सोशल मीडिया पर तेज हुए तीखी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर वीडियो के सामने आते ही यह वायरल हो गया और लाखों बार इसे देखा जा चुका है. साथ  ही हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय भी रखी है. कई यूजर्स ने विदेशी पर्यटक की जागरूकता की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ते देखा.

लोगों ने सुझाए बेहतर विकल्प

कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि पूजा के फूल जैसी सामग्री को मिट्टी में मिलाकर या पौधों में डालकर नष्ट किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा. इस तरह के उपाय आस्था और प्रकृति दोनों के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. लेकिन पॉलिथिन बैग्स को मिट्टी में गाड़ना बहुत ही शर्मनाक है. ऐसा करने वाले लोग आस्था के नाम पर प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. 

सख्त नियमों की उठी मांग

कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने गंगा नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताई और सरकार से सख्त नियम लागू करने की मांग की. कुछ यूजर्स ने ऐसे लोगों की कहानियां भी साझा कीं, जो सालों से नदियों की सफाई में जुटे हुए हैं.

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