लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. जानकारी के अनुसार, कांवड़ यात्रा के समापन और स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों के बाद कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती की संभावना जताई जा रही है. इनमें पीपीएस कैडर से आईपीएस में पदोन्नत किए गए 28 अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें अब नई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार है.
दरअसल, 1 जुलाई को 28 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति देने का आदेश जारी किया गया था. अब विभाग में इन अधिकारियों की तैनाती को लेकर मंथन शुरू हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों के फील्ड अनुभव, पिछली जिम्मेदारियों और कामकाज के रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए पद निर्धारित किए जा सकते हैं.
यूपी पुलिस में संभावित फेरबदल केवल जिलों तक सीमित नहीं रहने वाला है. डीजी स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किए जाने की चर्चा है. इस महीने डीजी फायर सर्विस मुथा अशोक जैन का सेवाकाल पूरा होने वाला है. उनके बाद वरिष्ठता के आधार पर एडीजी अशोक कुमार सिंह को डीजी पद पर पदोन्नत किए जाने की संभावना है.
इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात एडीजी रवि जोसेफ लोक्कू समेत करीब 10 आईपीएस अधिकारियों का भी इस महीने सेवाकाल पूरा होने जा रहा है. ऐसे में विभाग में खाली होने वाले पदों और जिम्मेदारियों को लेकर भी नए सिरे से व्यवस्था तैयार की जा सकती है.
सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के बाद अधिकारियों के तबादलों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. कई जिलों में पुलिस कप्तानों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदले जाने की संभावना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में महिला अपराधों और कुछ जिलों के प्रदर्शन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे. खासतौर पर आईजीआरएस में खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी असंतोष जताया गया था.
इस माह सेवाकाल पूरा करने वाले अधिकारियों में आईजी सीआईडी अखिलेश कुमार निगम, डीआईजी शहाब रशीद खान, आलोक प्रियदर्शी और सुनीता सिंह के अलावा एसपी अरविंद कुमार मिश्रा, हरि गोविंद और राम नारायण सिंह के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में यूपी पुलिस में कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं.