मानसून का फिर दिखा रौद्र रूप, ओडिशा से राजस्थान तक झमाझम बारिश

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में  मानसूनी सिस्टम के कारण राजस्थान, ओडिशा में बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

Date Updated Last Updated : 11 August 2026, 05:32 PM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: देशभर में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण करने लगी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के एक बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का गंभीर अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में  मानसूनी सिस्टम के कारण राजस्थान, ओडिशा में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में बादलों ने ऐसी तबाही मचाई कि झालवाड़ के सुनेल में 30 सेंटीमीटर तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पूरे सप्ताह पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज बेहद सख्त और चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 17 अगस्त तक बारिश की चेतावनी है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा 

दिल्ली में भी मौसम सुहाना होने के साथ-साथ जलभराव की मुसीबत ला सकता है। दिल्ली-एनसीआर के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए दिनभर घने बादल छाए रहने और दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। 

इस दौरान अधिकतम तापमान लुढ़क कर 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन भारी बारिश के चलते सड़कों पर पानी भरने और यातायात की रफ्तार थमने की पूरी आशंका है। 

हिमाचल से उत्तराखंड तक पहाड़ों पर लैंडस्लाइड 

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 17 अगस्त तक बारिश की चेतावनी है। पहाड़ों में लगातार होने वाली बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने का गंभीर जोखिम उत्पन्न हो गया है। विशेषकर हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, शिमला और उत्तराखंड के उत्तरकाशी व चमोली जिलों में भूस्खलन और बिजली की आवाजाही ठप होने से आम जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम और ओडिशा पर मंडराता खतरा

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के इलाकों में कम दबाव का एक नया क्षेत्र आकार ले रहा है। इस नए मानसूनी चक्र के कारण ओडिशा में 11 से 13 अगस्त के बीच अत्यंत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। 

सिर्फ पूर्वी भारत ही नहीं, बल्कि अरब सागर से उठने वाली नमी वाली हवाओं और हिंद महासागर द्विध्रुव के सकारात्मक सहयोग से पश्चिमी भारत में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, गोवा, मुंबई, ठाणे और पालघर समेत रायगढ़ व पुणे के घाट इलाकों में 15 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

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