वोटर लिस्ट से नाम कटा तो भड़के प्रकाश राज, बोले- ‘मजाक अच्छा है, खेल शुरू’

प्रकाश राज ने कर्नाटक की वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने का दावा करते हुए पुनरीक्षण अभियान पर सवाल उठाए हैं. अभिनेता ने बताया कि उनका जन्म और शुरुआती जीवन बेंगलुरु में बीता है और वह 2019 में यहां से लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं.

Date Updated Last Updated : 11 August 2026, 05:48 PM IST
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Courtesy: Instagram/ @joinprakashraj

मुंबई: बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों में अपनी पहचान बना चुके एक्टर प्रकाश राज ने कर्नाटक की वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special In-depth Review) अभियान पर सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि बेंगलुरु से जिन करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनमें उनका नाम भी शामिल है. वहीं अब इस मामले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. एक्टर ने क्या कहा चलिए जानते है. 

कहां पर हुआ प्रकाश राज का जन्म 

प्रकाश राज ने कहा कि उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ है और उन्होंने अपनी पढ़ाई से लेकर थिएटर तक का सफर इसी शहर में बिताया है. इतना ही नहीं, वह 2019 के लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ चुके हैं. ऐसे में वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने की बात उन्हें हैरान कर दिया है. 

सरकार पर कंसा तंज 

एक्टर ने तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें यह देखना होगा कि अपना वोटर ID पाने करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज दिखाने पड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग अपनी ताकत का इस्तेमाल उन लोगों को वोट देने से रोकने के लिए कर सकते हैं, जिनके समर्थन की उन्हें उम्मीद नहीं है.  हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जनता के पास अपनी ताकत है और वह इसका इस्तेमाल कर सकती है. 

चार वोटर ID कार्ड का भी लगा था आरोप

बता दें, यह पहली बार नहीं है, प्रकाश राज पहले भी वोटर ID से जुड़े एक विवाद में रह चुके हैं. पिछले महीने बेंगलुरु की एक अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी. उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके नाम से कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में चार वोटर ID कार्ड है. हालांकि, यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है. 

कब तक चलेगा वोटर लिस्ट सत्यापन का काम 

कर्नाटक में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत घर-घर जाकर सत्यापन का काम अब 17 अगस्त तक चलेगा. इसके बाद 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. मतदाता 24 अगस्त से 23 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. पूरी प्रक्रिया के बाद 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी. सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक में 5.54 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं में करीब 1.09 करोड़ लोग अनुपस्थित, दूसरी जगह जा चुके, डुप्लिकेट या मृत श्रेणी में पाए गए हैं. बेंगलुरु अर्बन में ऐसे मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 44 फीसदी बताई गई है. 

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