NEET विवाद के बाद दीप्ति गौड़ को बड़ी जिम्मेदारी, बनीं नई हायर एजुकेशन सेक्रेटरी

1993 बैच की IAS अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को NEET विवाद के बीच नया हायर एजुकेशन सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है.

Date Updated Last Updated : 11 August 2026, 02:19 PM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: NEET और दूसरी राष्ट्रीय परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया हायर एजुकेशन सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर सरकार पर दबाव है.

कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी?

दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर थीं.

अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है. इनमें स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और राजस्व जैसे विभाग शामिल हैं. प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के कारण उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने वाली अधिकारी के तौर पर देखा जाता है.

NEET विवाद के बीच क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी?

NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया है. इसी बीच उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद पर लगातार बदलाव देखने को मिले.

पहले विनीत जोशी को इस पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया था. इसके बाद नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई. अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है.

दीप्ति के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां

नई जिम्मेदारी के साथ दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने कई अहम चुनौतियां होगी. सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था में छात्रों का भरोसा बहाल करना होगी. उन्हें NTA की कार्यप्रणाली में सुधार से जुड़ी सिफारिशों को लागू करने, परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में काम करना होगा.

इसके अलावा आगामी प्रवेश परीक्षाओं को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराना भी उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी. लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इन परीक्षाओं में छोटी सी चूक भी बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है.

कई अन्य अधिकारियों के प्रभार भी बदले

केंद्र सरकार के प्रशासनिक फेरबदल में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. पल्लवी जैन गोविल को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव बनाया गया है. वहीं सुशील कुमार लोहानी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. जल संसाधन और नदी विकास से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी अर्चना वर्मा को सौंपी गई है.

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