पंजाब सरकार का ऐतिहासिक फैसला! तीन तख्त साहिब वाले शहर हुए ‘पवित्र शहर’ घोषित, शराब–मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

पंजाब सरकार ने सोमवार को इतिहास रचते हुए अमृतसर के वॉल्ड सिटी क्षेत्र, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा देने का बड़ा निर्णय लिया. इन तीनों शहरों में स्थित तख्त साहिबान की धार्मिक महत्ता को देखते हुए यह कदम लंबे समय से उठाए जाने की मांग की जा रही थी.

Date Updated Last Updated : 25 November 2025, 06:16 PM IST
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Punjab Government: पंजाब सरकार ने सोमवार को इतिहास रचते हुए अमृतसर के वॉल्ड सिटी क्षेत्र, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा देने का बड़ा निर्णय लिया. इन तीनों शहरों में स्थित तख्त साहिबान की धार्मिक महत्ता को देखते हुए यह कदम लंबे समय से उठाए जाने की मांग की जा रही थी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विशेष विधानसभा सत्र के दौरान यह घोषणा की.

इस निर्णय के साथ ही इन शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री तथा उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राजनीतिक दल या समुदाय के हित को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि पंजाब की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है.

तीन तख्त साहिब — पंजाब की आस्था और इतिहास का केंद्र

सिख धर्म में कुल पांच तख्त साहिब माने जाते हैं, जिनमें से तीन पंजाब में ही स्थित हैं—

  • श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर
  • तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो (बठिंडा)
  • तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब

मुख्यमंत्री मान और अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इन शहरों को लंबे समय से ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिए जाने की मांग विभिन्न संगठनों और श्रद्धालुओं द्वारा बार-बार उठाई जाती रही थी. श्री आनंदपुर साहिब के पवित्र प्रांगण में गुरु परंपरा से जुड़े असंख्य ऐतिहासिक प्रसंग अंकित हैं. श्री गुरु तेग बहादुर साहिब द्वारा बसाए गए इस नगर में गुरु गोबिंद सिंह जी ने लगभग तीन दशक बिताए और यहीं से खालसा पंथ की स्थापना हुई.

350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशेष सत्र

श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित यह विशेष विधानसभा सत्र नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित था. इसी दौरान सरकार ने इन शहरों के ‘पवित्र शहर’ दर्जे का प्रस्ताव पेश किया, जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत मानव अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दी गई सर्वोच्च कुर्बानी है. गुरु साहिब ने न सिर्फ अत्याचार और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर पूरे विश्व को एक अद्वितीय संदेश दिया.

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में गुरु तेग बहादुर साहिब की स्मृति में क्रमवार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों को गुरु साहिब के मूल्यों और दर्शन के प्रति जागरूक किया जा सके.

धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

सरकार ने घोषणा की कि इन तीनों पवित्र शहरों में नशीले पदार्थों की बिक्री और उपभोग पर पूरी तरह रोक रहेगी. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह कदम धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ-साथ इन शहरों की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है.

इसके साथ ही सरकार इन शहरों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजनाएं तैयार कर रही है. स्वच्छता, आधारभूत ढांचे और सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार न सिर्फ अपने स्तर पर बजट आवंटित करेगी, बल्कि केंद्र सरकार से भी विशेष फंड उपलब्ध करवाने का आग्रह किया जाएगा.

सर्व-धर्म समिति का गठन

पंजाब विधानसभा ने यह भी निर्णय लिया कि इन पवित्र शहरों में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक सर्व-धर्म समिति (Interfaith Committee) बनाई जाएगी. यह समिति पवित्र शहरों की पवित्रता, धार्मिक मर्यादा और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. सरकार का कहना है कि इन शहरों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

गुरु परंपरा और सिख इतिहास का जीवंत केंद्र

मुख्यमंत्री मान ने पत्रकारों से कहा कि श्री आनंदपुर साहिब वह स्थल है जहां गुरु गोबिंद सिंह जी ने जुल्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की राह दिखाते हुए खालसा पंथ की स्थापना की थी. यह वही स्थान है जहां गुरु साहिब के चार में से तीन साहिबजादों का जन्म हुआ, जिनकी कुर्बानी विश्व इतिहास में अनुपम मानी जाती है.

उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब और गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएं मानवता, एकता और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को मजबूत करती हैं. इसलिए इन शहरों की पवित्रता, संस्कृति और वातावरण को संरक्षित रखना अनिवार्य है.

लोगों की भावनाओं का सम्मान

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह फैसला किसी धर्म विशेष के लिए नहीं है, बल्कि पंजाब की धरोहर, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान को संजोने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि इन शहरों की महत्ता हमारी सामूहिक भावनाओं से जुड़ी है और यह कदम पूरे समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधों का उद्देश्य किसी समुदाय को सीमित करना नहीं, बल्कि पवित्रता और धार्मिक मर्यादा को सुरक्षित करना है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके.

आने वाली पीढ़ियों के लिए महान विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब के जीवन और दर्शन को विश्व स्तर पर प्रसारित करना पंजाब सरकार की प्राथमिकता है. इसीलिए गुरु साहिब के शहीदी दिवस को हर वर्ष बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि पवित्र शहरों में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी, जिनमें स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, आवास व्यवस्था और सुरक्षा उपाय शामिल होंगे.

सरकार का लक्ष्य है कि इन शहरों को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए. पंजाब सरकार का यह फैसला न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी एक दूरदर्शी कदम है. तीन तख्त साहिब वाले शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देकर राज्य ने अपनी विरासत, ऐतिहासिक पहचान और साम्प्रदायिक सौहार्द की परंपरा को एक नई मजबूती दी है.

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