पंजाब में 892 मॉडर्न आंगनवाड़ी सेंटर तैयार, भगवंत मान सरकार का बड़ा तोहफा, बच्चों को मिलेंगी प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएं

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में कुल 1024 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा कर लिया है.

Date Updated Last Updated : 10 July 2026, 01:37 PM IST
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Courtesy: X @BhagwantMann

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने बच्चों की शुरुआती शिक्षा और बेहतर देखभाल को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि प्रदेश में 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है. वहीं, 132 अन्य केंद्र अंतिम चरण में हैं और जल्द ही बच्चों के लिए शुरू कर दिए जाएंगे.

1024 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में कुल 1024 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है. इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर सीखने का माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें. उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़े किसी भी विकास कार्य में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी.

बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

मंत्री ने कहा कि हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी आर्थिक वर्ग से हो, अच्छी शिक्षा, खेल-कूद और सुरक्षित वातावरण का समान अधिकार मिलना चाहिए. उनका मानना है कि बच्चे देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनके बेहतर विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है.

उन्होंने बताया कि नए आंगनवाड़ी केंद्रों को इस तरह तैयार किया गया है, जहां बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलते हुए सीख सकें और अपने कौशल का विकास कर सकें.

कुपोषण से लड़ने में भी मिलेगी मदद

डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, ये आंगनवाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव हैं. इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार, कुपोषण की रोकथाम और शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.

आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस केंद्र

सरकार ने प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण और सुविधाओं के लिए मिशन सक्षम के तहत 10 लाख रुपये की राशि निर्धारित की है. इन केंद्रों में सुरक्षित पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, बच्चों के अनुकूल कक्षाएं और गतिविधि आधारित सीखने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

सरकार ने दोहराई अपनी प्रतिबद्धता

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल शिक्षा और देखभाल को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का हर बच्चा सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त करे और स्वस्थ, आत्मविश्वासी तथा सक्षम नागरिक बनकर आगे बढ़े.

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