मालवीय नगर: इंदौर शहर में दूषित पानी से फैल रही बीमारी लगातार गंभीर होती जा रही है और नए इलाकों से मामले सामने आ रहे हैं. भागीरथपुरा त्रासदी के बाद अब मालवीय नगर क्षेत्र की कृष्ण बाग कॉलोनी में भी दूषित पानी से बच्चों के बीमार होने की खबर सामने आई है. कॉलोनी में रहने वाली 14 माह की दो बच्चियों को उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायत के बाद चाचा नेहरू अस्पताल लाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चियों को निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है.
जो बच्चियां बीमार पड़ींं हैं उनका नाम सानवी और सिद्धि है. उनके पिता चंदन सिंह ने बताया कि दोनों बच्चियों को पिछले चार से पांच दिनों से लगातार उल्टी और दस्त हो रहे थे. शुरुआत में घर पर ही इलाज किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. परिजनों का आरोप है कि कृष्ण बाग कॉलोनी में सिर्फ उनकी बेटियां ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य बच्चे भी इसी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं. फिलहाल बच्चियों की हालत में कुछ सुधार बताया जा रहा है.
दूषित पानी के कारण उल्टी दस्त, डायरिया और संक्रमण की शिकायत आ रही है. जिसके वजह से अस्पतालों में लगातार ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे दावों के बावजूद हालात काबू में आते नहीं दिख रहे हैं. अलग अलग क्षेत्रों से रोज नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं.
एक अन्य मामले में दूषित पानी से बीमार हुए एक बच्चे को पहले न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था. वहां से हालत गंभीर होने पर उसे सर्जरी के लिए एमवाय अस्पताल रेफर किया गया. बच्चे के पिता ने बताया कि शुरुआत में निजी अस्पताल में इलाज कराया गया था, लेकिन 12 दिनों तक चले इलाज के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ गई. मजबूरी में बच्चे को सरकारी अस्पताल लाना पड़ा, जहां सर्जरी की गई और फिलहाल बच्चा वहीं भर्ती है. पिता ने शासन से आर्थिक सहायता की मांग की है.
दूषित पानी के कारण अब तक शहर में 20 लोगों की मौत हो चुकी है. मंगलवार को तीन नई मौतों की जानकारी सामने आने के बाद हालात की गंभीरता और बढ़ गई है. यह संकट अब किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रहा है.