नई दिल्ली: मूसलाधार बारिश ने मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया। सड़कों पर अचानक जमा हुए पानी ने दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार रोक दी। संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, आईटीओ और आरके पुरम जैसे लुटियंस दिल्ली के VIP इलाकों से लेकर सुप्रीम कोर्ट, बाबा खड़क सिंह मार्ग और अशोक रोड तक, हर तरफ गाड़ियां पानी में तैरती नजर आईं। एम्स के पास बने फ्लाईओवर लूप पर भारी जलभराव के कारण यातायात घंटों तक ठप रहा, जबकि राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास के रास्तों पर भी चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सामान्य से अधिक बरसा मानसून
IMD ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस बार अगस्त में दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग वेधशाला में सामान्य 191.1 मिमी के मुकाबले 246.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो औसत से 29 प्रतिशत अधिक है।
सड़कों पर ट्रैफिक जाम, आसमान में उड़ानों पर ब्रेक
बारिश का सबसे बड़ा असर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटराइडर24 की रिपोर्ट के मुताबिक खराब मौसम और दृश्यता घटने से मंगलवार को 18 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 146 विमानों ने देरी से उड़ान भरी।
सोमवार को भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी, जब 26 उड़ानें रद्द हुईं, 15 को नजदीकी शहरों में डायवर्ट किया गया और 390 से अधिक सेवाएं प्रभावित रहीं। दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट घोषित किया है, वहीं नोएडा पर भी लगातार बादलों का डेरा जमा हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों की राय
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तीव्र मानसूनी गतिविधि मध्य और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा निचले वायुमंडल में गांगेय पश्चिम बंगाल से दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैली द्रोणिका (ट्रफ) के आपस में टकराने के कारण बन रही है। इसी वायुमंडलीय दबाव के चलते राजधानी क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। सोमवार को भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी, जब 26 उड़ानें रद्द हुईं, 15 को नजदीकी शहरों में डायवर्ट किया गया और 390 से अधिक सेवाएं प्रभावित रहीं। एम्स के पास बने फ्लाईओवर लूप पर भारी जलभराव के कारण यातायात घंटों तक ठप रहा। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास के रास्तों पर भी चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।