नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 27 अगस्त तक राजधानी में H1N1 के कुल 2,729 मामले सामने आ चुके हैं और 27 अगस्त तक 125 नए मरीजों की पुष्टि हो चुकी हैं. वहीं, इन्फ्लूएंजा ए और बी के कुल मामलों की संख्या 3,736 तक पहुंच गई है, जिसमें करीब 75 फीसदी मामले H1N1 से जुड़े हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, जरूरी दवाएं और जांच की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन से संदिग्ध और संक्रमित मरीजों पर नजर रखने के साथ गंभीर मामलों में तुरंत उपचार सुनिश्चित करने को कहा है।
अस्पतालों में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीजों में फ्लू के हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं। इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें शामिल हैं। डॉक्टरों के इलाज के बाद अधिकांश मरीज जल्द ठीक हो रहे हैं और फिलहाल गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली में H1N1 का मौजूदा संक्रमण किसी नए वायरस का संकेत नहीं है, बल्कि यह पहले से मौजूद मौसमी स्ट्रेन से जुड़ा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की निगरानी में अब तक किसी नए गंभीर म्यूटेशन की जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें, बारिश के मौसम में नमी बढ़ने, बंद जगहों पर भीड़ और लोगों की आवाजाही के कारण फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल सकता है। विशेषज्ञों ने आने वाले सर्दियों के मौसम को देखते हुए निगरानी जारी रखने की जरूरत बताई है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, हाथों को नियमित रूप से साफ रखने और फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और समय पर इलाज से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है।