नई दिल्ली: दिल्ली अपराधों का गढ़ बनता जा रहा है. अब इन अपराधों पर काबू पाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है. उन्होंने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में 48 घंटे तक 'ऑपरेशन गैंग बस्ट' चलाया है. यह दिल्ली में चल रहे सक्रिय गैंग अपराधों पर कड़ा प्रहार है. इस दौरान पुलिस ने अलग-अलग गैंग से जुड़े करीब 500 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को तोड़ना और हिंसक अपराधों पर रोक लगाना था. साथ ही इसका मकसद दिल्ली में शांति व्यवस्था बहाल करना भी है. ताकि लोग बिना किसी अपराधिक डर के बाहर निकल सकें. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह अभियान एक साथ कई जिलों में चलाया गया, ताकि गैंगस्टरों के नेटवर्क को पूरी तरह से कमजोर किया जा सके.
पुलिस ने बताया कि इस अभियान के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे मामलों के अपराधियों पर कार्रवाई की गई है. इसके अलावा 'ऑपरेशन गैंग बस्ट' के तहत फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस टीम ने इस दौान अपराधियों के ठिकानों और छिपने की जगहों पर छापेमारी कर कार्रवाई की. इससे की गंभीर मामलों के आरोपी पकड़े गए हैं.
इस अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिमांशु भाऊ गिरोह के तीन शूटरों को भी गिरफ्तार किया है. ये आरोपी बावना इलाके में हुई हत्या के प्रयास के मामले में शामिल थे. पुलिस ने इनके पास से आधुनिक पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि हिमांशु भाऊ गिरोह को विदेश से विक्की हद्दल नाम का शख्स चला रहा था. निजी रंजिश के चलते उसने यामीन चंदू नाम के व्यक्ति पर हमला करवाने की साजिश रची थी. यह हमला उसके चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया था.
8 दिसंबर को आरोपियों ने यामीन चंदू की स्कूटी को जानबूझकर टक्कर मारी और फिर उन पर गोलियां चला दीं. हालांकि, वह इस हमले में बच गए. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घटना से पहले इलाके की रेकी भी की थी.