नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में अपना दबदबा पूरी तरह से कायम कर लिया है। पहले टेस्ट मैच में 165 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, पूरे आत्मविश्वास से भरी टीम इंडिया दूसरे मुकाबले में भी मेजबान श्रीलंका को पछाड़ने के लिए तैयार दिख रही है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने एक पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, जिसके भारी दबाव में श्रीलंकाई बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।
पडिक्कल का शानदार शतक
देवदत्त पडिक्कल ने अपनी बेहतरीन फॉर्म का मुजाहिरा करते हुए 193 गेंदों में 12 शानदार चौकों की मदद से 117 रनों की शतकीय पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल ने भी 108 गेंदों पर 50 रन बनाकर मध्यक्रम को मजबूती दी।
श्रीलंकाई पारी लड़खड़ाई
भारत के विशाल स्कोर के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती झटकों के बाद पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने पारी को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 65 रनों की अहम साझेदारी पनपी और 25वें ओवर में श्रीलंका का स्कोर 100 रन के पार पहुंच गया। पसिंदु ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए महज 76 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
विकेटकीपर-बल्लेबाज पंत ने अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारो तरफ शानदार शॉट खेले। श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों, खास तौर पर असिथा फर्नांडो और लाहिरू कुमारा ने लगातार शॉर्ट पिच गेंदों से उनके शरीर को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई। फर्नांडो की एक तेज रफ्तार गेंद पंत के कंधे पर भी जा लगी, लेकिन इस जांबाज खिलाड़ी ने अपना धैर्य नहीं खोया। दर्द के बावजूद उन्होंने छह चौकों व दो गगनचुंबी छक्कों की मदद से श्रीलंकाई आक्रमण की हवा निकाल दी।
पसिंदु का संघर्ष जारी
जब यह साझेदारी भारत के लिए थोड़ी परेशानी का सबब बन रही थी, तभी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिंदु मेंडिस को 32 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेजकर एक बड़ी सफलता दिलाई। दूसरे दिन लंच ब्रेक तक श्रीलंका का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 130 रन हो चुका है। फिलहाल क्रीज पर पसिंदु के साथ कप्तान धनंजय डी सिल्वा डटे हुए हैं। मेजबान टीम अभी भी भारत के विशाल स्कोर से 373 रन पीछे है और उस पर अपनी साख बचाने का भारी दबाव बना हुआ है।