नई दिल्ली: भारत की टी20 विश्व कप 2026 में मिली ऐतिहासिक जीत सिर्फ मैदान पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे रणनीतिक फैसलों और दूरदर्शी सोच की भी अहम भूमिका रही. मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टीम संयोजन को लेकर पर्दे के पीछे किए गए फैसलों ने भी इस सफलता की नींव मजबूत की.
भारत की इस उपलब्धि के पीछे चयन प्रक्रिया का भी बड़ा योगदान रहा. मुख्य चनयकर्ता अजीत अगरकर टूर्नामेंट शुरु होने से पहले कई ऐसे निर्णय लिए जोकि टीम लिए काफी अच्छे थे. हालांकि शुरुआत में इन फैसलों पर सवाल उठे, लेकिन टूर्नामेंट के नतीजों ने यह दिखा दिया कि चयनकर्ताओं की रणनीति सही साबित हुई. टीम चयन में कुछ कठिन और अप्रत्याशित कदम उठाकर अगरकर ने नई सोच को आगे बढ़ाया.
टी20 विश्व कप जीतने के बाद अब भारत के हेड कोच गौतम गभीर ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के फैसलों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद किया है. उन्होंने माना कि चयनकर्ता के रूप में उन्हें अक्सर आलोचना झेलनी पड़ती है, लेकिन टीम के निर्माण में उनकी ईमानदारी और स्पष्ट सोच बेहद महत्वपूर्ण रही है.
भारत की इस सफलता ने यह साफ कर दिया है कि अगरकर के साहसिक फैसलों ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई है.
टी20 विश्व कप टीम के चयन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा शुभमन गिल के बाहर होने पर हुई थी. अगरकर ने गिल को विश्व कप की टीम से गिल को बाहर किया था, जबकि गिल को इस विश्व कप का उपकप्तान बताया जा रहा था. वहीं मुख्य चनयकर्ता ने गिल की जगह ईशान किशन और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी. इस फैसले पर काफी सवाल खेड़े हुए थे लेकिन बाद में अगरकर एकदम सही साबित हुए.
रिपोर्टों के अनुसार, टीम प्रबंधन गिल को शामिल करने के पक्ष में था, लेकिन अजीत अगरकर अपने फैसले पर अडिग रहे. उनका मानना था कि टीम संतुलन बनाए रखने के लिए कभी-कभी कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं और भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है.
इस दौरान अजीत अगरकर का एक और अहम फैसला है जोकि खूब चर्चा में रहा. दरअसल टीम चयन के दौरान ईशान किशन की वापसी भी चर्चा का विषय बनी. दक्षिण अफ्रीका दौरे से हटने और केंद्रीय अनुबंध से बाहर होने जैसे विवादों के कारण उनकी स्थिति पर सवाल उठे थे.
इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उनके मौजूदा प्रदर्शन और टीम में उनकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए उन्हें मौका दिया. अगरकर ने स्पष्ट किया कि पहले टीम में उनकी जगह इसलिए नहीं बन पा रही थी क्योंकि ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल उस समय बेहतर विकल्प माने जा रहे थे.