चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने तमिलगा वेट्री कजगम के संस्थापक और मशहूर अभिनेता विजय को करूर भगदड़ मामले में पूछताछ के लिए CBI ने समन भेजा है. सूत्रों के मुताबिक, विजय को 12 जनवरी को जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है.
यह मामला 27 सितंबर 2025 का है, जब करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में TVK की एक विशाल राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी. विजय के भाषण को सुनने के लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी और उसके कारण वहां भगदड़ मच गई. इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.
शुरुआत में तमिलनाडु सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था और CBI जांच का विरोध किया था. राज्य सरकार का तर्क था कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया. शीर्ष अदालत ने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय विवेक को झकझोरने वाली है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच के लिए इसे CBI को सौंपना जरूरी है.
CBI अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि रैली के लिए सुरक्षा इंतजाम कैसे थे, भीड़ को नियंत्रित करने के क्या उपाय किए गए थे और क्या पुलिस की तैनाती पर्याप्त थी. विजय से पहले, CBI TVK के कई बड़े नेताओं से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें शामिल हैं बुस्सी आनंद (राज्य महासचिव), निर्मल कुमार (संयुक्त सचिव), अधव अर्जुन और करूर जिला सचिव मथियाझगन.
इस घटना के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को भविष्य में होने वाली राजनीतिक रैलियों और सार्वजनिक सभाओं के लिए एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया है. उनका कहना है कि ऐसी घटना दोबारा ना हो और इसके लिए तैयारी बेहतर और भरपूर रहनी चाहिए.