केरलम: वीडी सतीशन ने आज यानी सोमवार को केरलम के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाल ली. लंबे मंथन और अंदरूनी चर्चाओं के बाद कांग्रेस आलाकमान ने उनके नाम पर भरोसा जताया. उनके साथ 20 अन्य मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली. 90 के दशक में अपनी चुनावी राजनीति की शुरुआत करने वाले वीडी सतीशन अब केरलम की राजनीति के सबसे बड़े चेहरे बन चुके हैं. पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने वाले सतीशन को कांग्रेस की जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जा रहा है. चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा निर्णायक जीत हासिल नहीं करेगा, तो वह राजनीतिक वनवास ले लेंगे.
एर्नाकुलम जिले के नेटूर निवासी वीडी सतीशन ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी. एसएच कॉलेज, थेवरा में सक्रिय छात्र नेता रहने के बाद उन्होंने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में भी छात्र नेतृत्व की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.बाद में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन में पदाधिकारी के तौर पर काम करते हुए उन्होंने कांग्रेस संगठन में अपनी मजबूत पहचान बनाई.
उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले सतीशन ने 1990 के दशक के मध्य में परवूर विधानसभा सीट से चुनावी राजनीति में कदम रखा. शुरुआती हार के बावजूद उन्होंने जल्द वापसी की और अगले चुनाव में जीत दर्ज किया. इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी सीट बरकरार रखते हुए दो दशक से अधिक समय तक क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए रखी. सतीशन ने 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत हासिल की.
वीडी सतीशन ने पार्टी संगठन में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं. पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के करीबी माने जाने वाले सतीशन ने विधानसभा राजनीति में 25 साल से ज्यादा का लंबा अनुभव हासिल किया है.
ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, वीडी सतीशन की कुल संपत्ति 6 करोड़ 65 लाख 64 हजार 170 रुपये बताई गई है. उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव में एर्नाकुलम जिले की परवूर सीट फिर से अपने नाम की. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस जीत को अचानक आई लहर नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध और मजबूत वापसी करार दिया.
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए गए. कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को 35 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा तीन सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही.
शपथ ग्रहण समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. इसके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन, वामपंथी नेता और भाजपा प्रतिनिधि भी समारोह में शामिल हुए. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यभर से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी पहुंचे.