पेपर लीक विवाद के बाद सरकार का एक्शन, NTA में नई नियुक्तियां और CBI की बड़ी गिरफ्तारी

NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार ने NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं. परीक्षा रद्द होने और लगातार उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने एजेंसी में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति कर दी है.

Date Updated Last Updated : 17 May 2026, 09:28 AM IST
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Courtesy: @ians_india

नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया है. छात्र संगठनों और लाखों अभ्यर्थियों ने NTA की परीक्षा प्रणाली और कार्यक्षमता पर सवाल खड़े किए हैं. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और धरने जारी हैं. इसी बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को NTA में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की है.

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुजा बापट और रुचिता विज को पांच वर्षों के लिए संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. वहीं आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को संयुक्त निदेशक बनाया गया है. NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच के बीच इन नियुक्तियों को एजेंसी की कार्यप्रणाली मजबूत करने से जोड़कर देखा जा रहा है.

कौन हैं नए नियुक्त अधिकारी?

अनुजा बापट भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी हैं, जबकि रुचिता विज भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) की 2004 बैच की अधिकारी हैं. दोनों अधिकारियों को पांच साल के लिए उनकी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.

वहीं संयुक्त निदेशक बनाए गए आकाश जैन भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) से जुड़े अधिकारी हैं. आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा के अधिकारी हैं. सरकार ने इन नियुक्तियों के जरिए एजेंसी के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है.

पेपर लीक मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई

सीबीआई ने इस मामले में पुणे की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी 'पेपर लीक की मुख्य साजिशकर्ता' थी और जीव विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक की मास्टरमाइंड मानी जा रही है.

सीबीआई के अनुसार, मंधारे को NTA द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसके चलते उन्हें वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी. जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 के दौरान उन्होंने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए कई उम्मीदवारों को इस नेटवर्क से जोड़ा.

अब तक नौ आरोपी गिरफ्तार

पेपर लीक मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई ने “पेपर लीक के सरगना” पी.वी. कुलकर्णी के दो और सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है. जांच एजेंसी पुणे और लातूर में लगातार छापेमारी कर रही है.

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