मुंबई: मुंबई के केईएम अस्पताल की एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं. कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो के दौरान की गई उनकी एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जिसके बाद उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि अस्पताल प्रशासन को जांच के आदेश देने पड़े और महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भी केस दर्ज कर लिया.
विवाद के बीच अब सेजल पवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में उनके प्रदर्शन को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2022 में मुंबई के सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज एवं केईएम अस्पताल में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था.
जानकारी के मुताबिक, सेजल पवार ने NEET UG परीक्षा में 720 में से 406 अंक हासिल किए थे. उन्होंने आरक्षित श्रेणी के तहत सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज एंड केईएम हॉस्पिटल में दाखिला लिया था.
वहीं, 12वीं कक्षा में उनके अंग्रेजी विषय में 100 में से 87 अंक थे. फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) में उन्हें कुल 300 में से 190 अंक प्राप्त हुए थे, जो लगभग 63 प्रतिशत के बराबर हैं.
विवाद की शुरुआत कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो के एक वीडियो से हुई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सेजल पवार दर्शकों से बातचीत के दौरान मेडिकल कॉलेज में अध्ययन और रिसर्च के लिए दान किए गए पुरुष शवों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करती नजर आईं.
AIMSA strongly condemns the insensitive and disrespectful portrayal of cadavers and body donors for entertainment or comedy.@Rj_pranit ,#Sejal Pawar (MBBS Student).
— ALL INDIA MEDICAL STUDENTS' ASSOCIATION (@official_aimsa) June 11, 2026
Every cadaver represents a noble individual who chose to contribute to medical education through body donation,… pic.twitter.com/fc8mQnj3Bk
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर नाराजगी जताई. कई डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और विभिन्न संगठनों ने भी इस बयान की आलोचना की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए केईएम अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है. अस्पताल ने एक समिति का गठन कर मामले की रिपोर्ट मांगी है.
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी से संस्थान और चिकित्सा पेशे की गरिमा प्रभावित हुई है. वहीं महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई शुरू करते हुए केस दर्ज किया है.
वायरल वीडियो सामने आने के बाद कई डॉक्टरों और मेडिकल संगठनों ने प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां चिकित्सा पेशे की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं और आम लोगों के बीच डॉक्टरों के प्रति विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं.
कई लोगों ने इसे शव दान करने वाले व्यक्तियों और उनके परिवारों के प्रति असम्मानजनक बताया है. सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी.
बढ़ती आलोचना के बीच सेजल पवार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "मैं यहां जो कहा गया था, उसे सही ठहराने या उसका बचाव करने के लिए नहीं हूं. मैं इसकी जिम्मेदारी लेती हूं."
उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका पहला कॉमेडी शो था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी टिप्पणी इतना बड़ा विवाद खड़ा कर देगी. सेजल ने आगे कहा कि यह घटना उनके लिए एक सीख रही है और इससे उन्हें संवेदनशील विषयों पर बोलने के तरीके को लेकर गंभीरता से सोचने का अवसर मिला.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. कुछ लोगों ने मेडिकल प्रैक्टिस से रोकने और मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग भी उठाई है.
हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित संस्थाओं की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.