कर्नाटक में गुटखा-पान मसाला पर 1 साल का बैन, तंबाकू-निकोटीन उत्पादों पर सरकार का शिकंजा

कर्नाटक सरकार ने जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा-पान मसाला पर बड़ा फैसला लिया है. राज्य में इन उत्पादों से जुड़ी कई गतिविधियों पर एक साल के लिए रोक लागू की गई है.

Date Updated Last Updated : 12 August 2026, 04:58 PM IST
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Courtesy: AI Generated

बेंगलुरु: कर्नाटक में तंबाकू और निकोटीन से जुड़े उत्पादों के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में गुटखा और पान मसाला के निर्माण से लेकर बिक्री तक पर एक साल के लिए रोक लगा दी गई है. यह आदेश पूरे कर्नाटक में लागू होगा. यह प्रतिबंध कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से 15 जून 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए लगाया गया है. आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध एवं प्रतिबंध) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 के तहत जारी किया गया है.

अधिसूचना के मुताबिक, तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा. यानी इन उत्पादों को तैयार करने से लेकर बाजार तक पहुंचाने और बेचने तक की पूरी प्रक्रिया पर रोक लागू होगी. सरकार ने इस फैसले के दायरे को केवल गुटखा और पान मसाला तक सीमित नहीं रखा है. तंबाकू या निकोटीन वाले दूसरे उत्पाद भी इस प्रतिबंध के तहत आएंगे, भले ही उनका नाम या ब्रांड कुछ भी हो.

पैकेट और खुले उत्पाद भी प्रतिबंधित

यह रोक केवल पैक किए गए सामान पर लागू नहीं होगी, बल्कि खुले में बेचे जाने वाले ऐसे उत्पाद भी इसके दायरे में होंगे. इसके अलावा, अगर किसी उत्पाद में तंबाकू या निकोटीन मौजूद है और उसे अलग-अलग हिस्सों में बेचा जाता है, जिन्हें ग्राहक आसानी से आपस में मिलाकर इस्तेमाल कर सकता है, तो वह भी प्रतिबंध के तहत आएगा. अधिसूचना में खास तौर पर उन गुटखा और पान मसाला उत्पादों का उल्लेख किया गया है, जिनमें तंबाकू या निकोटीन एक सामग्री के रूप में मौजूद होता है. ऐसे उत्पाद पाउच, थैली, पैकेट या किसी अन्य तरह के कंटेनर में पैक होकर बिकते हैं.

एक साल तक लागू रहेगा आदेश

सरकार का यह फैसला तंबाकू और निकोटीन से जुड़े उत्पादों के इस्तेमाल से होने वाले संभावित स्वास्थ्य नुकसान को देखते हुए लिया गया है. अधिसूचना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त, बेंगलुरु की ओर से जारी की गई है. इसके तहत राज्य में संबंधित उत्पादों पर लगाया गया प्रतिबंध एक वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेगा.

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