फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव, गांजा लेने की पुष्टि

एअर इंडिया की AI2379 फ्लाइट में अचानक 300 फीट नीचे आने की घटना ने नया मोड़ ले लिया है. मुख्य पायलट की दूसरी डोप टेस्ट रिपोर्ट भी पॉजिटिव आने की जानकारी सामने आई है, जिससे जांच और गंभीर हो गई है.

Date Updated Last Updated : 12 August 2026, 02:16 PM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई कम होने और यात्रियों के घायल होने के मामले में जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, उड़ान के पायलट-इन-कमांड का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव आया है. बता दें घटना के बाद नियमों के तहत विमान के दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट कराया गया था. शुरुआती जांच में मुख्य पायलट का सैंपल पॉजिटिव मिला था. इसके बाद पुष्टि के लिए सैंपल को दूसरी लैब भेजा गया.

सूत्रों के अनुसार, दूसरी लैब की रिपोर्ट में भी पायलट के शरीर में मारिजुआना यानी गांजे के सेवन की पुष्टि हुई है. हालांकि, इस रिपोर्ट पर एअर इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. खास बात यह है कि घटना के बाद कुछ यात्रियों ने भी पायलट के सामान्य स्थिति में नहीं होने का आरोप लगाया था और उसके व्यवहार को लेकर सवाल उठाए थे.

पायलट पर कार्रवाई की बढ़ी संभावना

इस मामले को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं. उड़ान के दौरान 13 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हुए थे. रिपोर्ट की पुष्टि होने के बाद पायलट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं. हालांकि, अंतिम कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी.

300 फीट नीचे जाने के वक्त कहां थे मुख्य पायलट?

जांच में अब एक और अहम सवाल पर ध्यान दिया जा रहा है. विमान के अचानक करीब 300 फीट नीचे आने के समय पायलट-इन-कमांड कॉकपिट की सीट पर मौजूद थे या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच टीम ब्लैक बॉक्स के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) की मदद से घटना के दौरान कॉकपिट में हुई गतिविधियों का समय और क्रम पता कर रही है. इससे यह भी स्पष्ट होगा कि उस समय विमान किसके नियंत्रण में था.

को-पायलट ने संभाली थी कमान

सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय मुख्य पायलट का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था और उन्हें चलने में भी परेशानी हो रही थी. बताया गया कि केबिन क्रू को उनकी मदद करनी पड़ी. विमान के अचानक ऊंचाई खोने के बाद युवा को-पायलट ने नियंत्रण संभाला. उसने विमान को स्थिर किया और बाद में दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग कराई.

4 अगस्त को हुआ था हादसा

AI2379 में यह घटना 4 अगस्त को हुई थी. एयरबस A320 विमान क्रूज के दौरान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था. विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे. घटना के बाद विमान को स्थिर कर सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचाया गया. घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है. जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों के तहत आगे बढ़ रही है. एयरबस और फ्रांस के BEA की टीम के भी दिल्ली पहुंचकर जांच में शामिल होने की जानकारी सामने आई है. यह मामला जून 2025 के अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एअर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चा के बीच सामने आया है.

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