झारखंड की फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट, 3 इंजीनियरों की मौत; लापरवाही के आरोप

झारखंड के रामगढ़ में सीमेंट फैक्ट्री के पावर प्लांट में हुए धमाके ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी. हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है. मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

Date Updated Last Updated : 22 August 2026, 11:24 AM IST
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Courtesy: AI generated

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में शुक्रवार देर रात एक सीमेंट फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया. बरकाकाना के हेहल स्थित मां छिन मस्तीके सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री में हुए इस हादसे ने चार इंजीनियरों को अपनी चपेट में ले लिया. इनमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल को इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक, हादसा फैक्ट्री के पावर प्लांट के टर्बाइन सेक्शन में हुआ. 

शुरुआती जानकारी के अनुसार, टर्बाइन के ओवरस्पीड पैनल में अचानक ओवरहीटिंग की समस्या पैदा हुई थी. इसके बाद सुरक्षा से जुड़े उपकरणों के ठीक से काम नहीं करने की बात सामने आई है. इसी दौरान टर्बाइन में अचानक तेज धमाका हो गया. विस्फोट इतना जोरदार था कि वहां काम कर रहे इंजीनियर इसकी चपेट में आ गए. हादसे में तीन इंजीनियरों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तरुण रवानी गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल बन गया.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

हादसे के बाद फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों में नाराजगी है. उन्होंने प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. मजदूरों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार लापरवाही बरती जाती है. इसी वजह से इतनी बड़ी दुर्घटना हुई. मजदूरों ने हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियरों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद के साथ जरूरी सहायता भी मिलनी चाहिए.

उच्चस्तरीय जांच की मांग

मजदूरों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि हादसे की पूरी वजह सामने आनी चाहिए और यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि सुरक्षा उपकरणों ने समय पर काम क्यों नहीं किया. अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है. फिलहाल हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.

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