कनाडा के गुरुद्वारे में सिख श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला, PM कार्नी बोले- ‘भयानक घटना’

कनाडा के एडमोंटन स्थित गुरुद्वारे में सुबह हुई चाकूबाजी ने सिख समुदाय को चिंता में डाल दिया है. हमले में दो श्रद्धालु घायल हुए, जबकि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया. उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच हो रही है.

Date Updated Last Updated : 22 August 2026, 10:50 AM IST
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Courtesy: X/@kiranpatel1977

नई दिल्ली: कनाडा के एडमोंटन में शुक्रवार सुबह एक गुरुद्वारे के भीतर हुई चाकूबाजी से हड़कंप मच गया. प्रार्थना के लिए पहुंचे लोगों के बीच अचानक हुए हमले में दो श्रद्धालु घायल हो गए. पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए 27 वर्षीय एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. खास बात यह है कि आरोपी को घटना से सिर्फ एक दिन पहले ही जेल से रिहा किया गया था. यह घटना स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 4:49 बजे नानकसर गुरुद्वारे में हुई. पुलिस को शुरुआत में जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति हाईवे पर ट्रैफिक के बीच घूम रहा है. करीब 15 मिनट बाद गुरुद्वारे के अंदर चाकूबाजी की सूचना पुलिस तक पहुंची.

जांच के मुताबिक, संदिग्ध गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और प्रार्थना वाले हिस्से में जाने की कोशिश करने लगा. वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और आरोपी ने दो पुरुष श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला कर दिया. पुलिस के अनुसार, वहां मौजूद कुछ लोगों ने तुरंत बीच-बचाव किया और संदिग्ध को पकड़ लिया. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.

दोनों घायल अस्पताल में भर्ती

हमले में 75 और 51 साल के दो श्रद्धालु घायल हुए. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने बताया कि उन्हें मामूली चोटें आई हैं और फिलहाल दोनों की हालत स्थिर है. एडमोंटन पुलिस के कार्यवाहक इंस्पेक्टर एरिक स्टीवर्ट ने कहा कि मौके पर मौजूद लोगों की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण आरोपी को जल्द काबू किया जा सका.

एक दिन पहले जेल से हुआ था रिहा

पुलिस ने बताया कि 27 वर्षीय संदिग्ध का 2015 से हिंसक घटनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड रहा है. वह एक शांति अधिकारी पर हमला करने के मामले में सजा काट रहा था और गुरुवार को ही अल्बर्टा की एक संघीय जेल से बाहर आया था. रिहाई के बाद उसे एडमोंटन के एक पुनर्वास केंद्र में रिपोर्ट करना था, लेकिन पुलिस के मुताबिक उसने वहां रिपोर्ट नहीं की. फिलहाल उसके खिलाफ नए मामले में आरोप लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस ने अभी हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की है. जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कहीं यह घटना किसी घृणा या नफरत से जुड़ी सोच का नतीजा तो नहीं थी.

प्रधानमंत्री ने की हमले की निंदा

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों और सिख समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की. उन्होंने पुलिस की तेज कार्रवाई की भी सराहना की और कहा कि किसी व्यक्ति को अपने पूजा स्थल पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए. एडमोंटन पुलिस प्रमुख वॉरेन ड्रिचेल ने भी लोगों से जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की. उन्होंने दुनिया में बढ़ते तनाव और ध्रुवीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि नफरत की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है.

सिख संगठन ने जताई चिंता

कनाडा के विश्व सिख संगठन ने हमले को बेहद चिंताजनक बताया. संगठन के मुताबिक, घटना के दौरान गुरुद्वारे में मौजूद सिख धर्मग्रंथ की एक प्रति को भी नुकसान पहुंचाया गया. पुलिस ने कहा कि उसे इस दावे की जानकारी है और इसकी जांच की जा रही है. जांच के चलते गुरुद्वारा फिलहाल आम लोगों के लिए बंद है. यह घटना ऐसे समय हुई है जब कैलगरी के दो गुरुद्वारों को धमकी भरे कॉल मिलने की जांच भी चल रही है. कैलगरी के मेयर जेरोमी फरकास ने इन धमकियों की निंदा करते हुए गुरुद्वारों को सेवा और स्वागत का स्थान बताया.

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