जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बादल फटने से तबाही, वैष्णो देवी यात्रा स्थगित

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने भारी बारिश के कारण यात्रा को कुछ घंटों के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है. अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले हिमकोटि मार्ग को बंद किया गया, क्योंकि तेज बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया था.

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Courtesy: Social Media

Mata Vaishno Devi Yatra Suspended: जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में कल देर रात से हो रही लगातार भारी बारिश ने भयंकर रूप धारण कर लिया है. इसकी वजह से माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है, जबकि डोडा जिले में बादल फटने की घटनाओं से कम से कम 3-4 लोगों की मौत हो गई है. 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जिसमें बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने का खतरा बताया गया है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन मौसम सुधारने तक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

वैष्णो देवी यात्रा पर असर

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने भारी बारिश के कारण यात्रा को कुछ घंटों के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है. अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले हिमकोटि मार्ग को बंद किया गया, क्योंकि तेज बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया था. बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. मौसम ठीक होने पर यात्रा शुरू की जाएगी. कटड़ा और त्रिकुटा पहाड़ियों के आसपास भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. यात्रियों को आधिकारिक अपडेट का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है. श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे कटड़ा में ही रुकें और बोर्ड के आधिकारिक चैनलों (जैसे @OfficialSMVDSB पर) से अपडेट लें.

डोडा में बादल फटने से भारी तबाही

डोडा जिले के गंधोह और ठठरी उपखंडों में दो जगहों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग 244 बह गया. डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह ने बताया कि अचानक बाढ़ में 3 लोगों की मौत हो गई. कुछ स्रोतों के अनुसार मौतों की संख्या 4 हो गई है. मिल रही जानकारी के मुताबिक 15 से अधिक रिहायशी घर और कई गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गए  हैं. साथ ही एक निजी स्वास्थ्य केंद्र को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के अनुसार भूस्खलन से सड़क संपर्क कट गया है और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं. स्थानीय लोग डरे हुए हैं, और बचाव अभियान जारी है.