सुखविंदर सिंह सुक्खू ही रहेंगे हिमाचल प्रदेश के सीएम, फिलहाल टलता दिख रहा संकट

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर संकट बताया जा रहा था। इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने डीके शिवकुमार और भूपिंदर सिंह हुड्डा को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। अब माना जा रहा है कि संकट के बदल फ़िलहाल छट गए हैं।

Date Updated Last Updated : 29 February 2024, 06:10 PM IST
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सरकार पर आया सियासी संकट अब टलता हुआ दिख रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह एक साथ आते हुए दिख रहे हैं। गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में दोनों नेता एक एक साथ दिखे। इस कांफ्रेंस में बोलते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि हमें दुःख है कि हम राज्यसभा की सीट नहीं जीत पाए।  उन्होंने कहा कि हमें इस बात का दुःख है कि हम हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट नहीं जीत सके। अब हम इस बात से आगे बढ़ रहे हैं और अगली चुनौती जीकी लोकसभा चुनाव हैं, उसके लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में पहले भी मजबूत थी और अब भी मजबूत है। उन्होंने कहा कि हमने जो भी मुद्दे उठाए थे, उन्हें आलाकमान को बता दिया गया है और जल्द ही समाधान भी निकल आएगा।

वहीं राज्य में पर्यवेक्षक बनकर आए भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि हमने राज्यसभा सीट किन वजहों से खोई, इसका सभी को पता है। लेकिन हमने इस विषय पर बात की है और सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। अब कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री सुक्खू ही बने रहेंगे। एक 6 सदस्यीय कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई जाएगी। इसके सदस्यों के नामों का ऐलान आलाकमान करेगा। यह कमिटी सरकार को सलाह देगी। वहीं 6 विधायकों को बर्खास्त करने पर उन्होंने कहा कि यह स्पीकर का फैसला है।

हमने सभी मतभेदों को सुलझा लिया है- डीके शिवकुमार 

वहीं डीके शिवकुमार ने कहा कि सीएम सुक्खू ने माना है कि कुछ गलतियां हुई हैं और उन्हें आगे नहीं दोहराया जाएगा। हमने सभी विधायकों से बात की है और सभी की समस्याओं को सुना है। सभी मतभेदों को सुलझा लिया गया है। हम सब मिलकर काम करेंगे। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि बीजेपी सरकार गिराने की साजिश रच रही थी, जिसे हमने विफल कर दिया है। सरकार पर कोई संकट नहीं है।

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