नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में 10 जून का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभालने का आंकड़ा पार कर लिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने चुनाव जीतने के बाद लगातार 4,398 दिनों तक देश का नेतृत्व किया था. लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर सत्ता में बने रहने वाले मोदी अब भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नए मुकाम पर पहुंच गए हैं.
पिछले एक दशक से अधिक समय में केंद्र सरकार ने कई ऐसी योजनाएं और फैसले लागू किए, जिनका असर देश के करोड़ों लोगों तक पहुंचा. सरकार की ओर से इन्हें विकास और सुशासन की दिशा में बड़े कदम के रूप में पेश किया जाता है.
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनधन योजना शुरू की गई. इसके तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए, जिससे बैंकिंग सुविधाएं आम नागरिकों तक पहुंच सकीं.
सरकार ने लाभार्थियों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था को मजबूत किया. इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने का प्रयास किया गया.
गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की गई. इसी वर्ष उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी.
देशभर में एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू करने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लागू किया गया. इसे आर्थिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना गया.
स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई, जिसके तहत करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलने लगा.
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने का फैसला केंद्र सरकार के सबसे चर्चित निर्णयों में शामिल रहा.
कोविड-19 महामारी के दौरान बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया. देशभर में करोड़ों वैक्सीन डोज लगाई गईं और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए गए.
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत लाखों घरों तक नल से पानी उपलब्ध कराया गया.
भारत ने पहली बार जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की और विभिन्न देशों के नेताओं की मेजबानी की. इसे भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने वाला कदम माना गया.
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर उद्घाटन का कार्यक्रम देशभर में चर्चा का विषय बना रहा.
आर्थिक मोर्चे पर भारत ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की सूची में चौथे स्थान तक पहुंचने का दावा किया.
सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार ने पहलगाम हमले के बाद सैन्य कार्रवाई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया.
प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में विशेष चर्चा होने की संभावना है. नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने वाली इस बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर भी मंथन किया जाएगा. बैठक में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, भाजपा नेतृत्व और सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देने के लिए एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है.
एनडीए की बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति, नागरिक सुविधाओं में सुधार और व्यापार को आसान बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी. माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों की विकास रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया जाएगा.