नई दिल्ली: देश के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. देर रात जारी किए गए अपने एक विशेष वीडियो संदेश के बाद मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों और युवाओं का धन्यवाद किया है. PM ने कहा कि लोगों की प्रतिक्रियाएं और सुझाव बेहद सराहनीय हैं. युवाओं के साथ यह संवाद आगे और मजबूत होगा. उनका यह संदेश पोस्ट होने के कुछ ही मिनटों के भीतर लाखों लोगों तक पहुंच गया.
युवाओं तक पहुंच बनाने की नई पहल
यह पूरा घटनाक्रम केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों से जोड़कर देखा जा रहा है. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया था कि वे डिजिटल माध्यमों, विशेषकर इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर अपनी सक्रियता बढ़ाएं. उनका मानना है कि चूंकि देश की युवा आबादी का बड़ा हिस्सा इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर समय बिताता है, इसलिए शासन की प्राथमिकताओं और उनकी समस्याओं पर सीधे बात करना समय की मांग है.
छात्रों के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार रात 11:52 बजे प्रधानमंत्री ने एक सेल्फी वीडियो साझा किया था. नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि यह कोई छोटी-मोटी घटना नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों से जुड़ा संवेदनशील मामला है. उन्होंने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके दर्द को समझती है और पिछले कुछ महीनों में इस पर लगातार काम किया गया है.
पीएम मोदी वीडियो के जरिए क्या बोले
PM ने कहा कि लोगों की प्रतिक्रियाएं और सुझाव बेहद सराहनीय हैं. युवाओं के साथ यह संवाद आगे और मजबूत होगा. उनका यह संदेश पोस्ट होने के कुछ ही मिनटों के भीतर लाखों लोगों तक पहुंच गया.
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं को भंग करने वालों से निपटने के लिए एक मजबूत कानून लाया जा रहा है. इसके तहत विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके और दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके. सरकार की योजना आगामी संसदीय कार्यवाही के दौरान इस विधेयक को पारित कराने की है, जिससे धांधली करने वालों के मन में कानून का डर कायम किया जा सके.