नई दिल्ली: मणिपुर में बिगड़ते कानून-व्यवस्था के हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों को 20 से 22 अगस्त तक बंद रखने का फैसला किया है. शिक्षा विभाग की ओर से देर रात जारी आदेश में कहा गया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कदम छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है.
सरकार के आदेश के अनुसार, मणिपुर में सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी क्षेत्र के स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. यह फैसला राज्य में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए लिया गया है. आदेश में बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन और CBSE से जुड़े स्कूलों को भी बंद रखने की बात कही गई है.
राज्य में यह तनाव नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर बढ़ा है। कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन (JFD) ने जनगणना से पहले मणिपुर में NRC को अपडेट करने की मांग को लेकर 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है.
बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में राजनीतिक नेताओं के पुतले जलाए गए. इसके अलावा इम्फाल वेस्ट, इम्फाल ईस्ट, थौबल और बिष्णुपुर समेत कई जिलों में सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई.
JFD ने गुरुवार को राज्यभर में सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का आह्वान भी किया है. संगठन की मांग है कि जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले NRC को अपडेट किया जाए. जनगणना के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो चुकी है.
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने पहले ही NRC की मांग के प्रति राज्य सरकार का समर्थन जताया है. मणिपुर विधानसभा भी इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है. मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से बंद और सड़क जाम जैसे तरीकों से बचने की अपील की है. उनका कहना है कि ऐसे आंदोलनों से छात्रों और दिहाड़ी मजदूरों को परेशानी होती है.
तनावपूर्ण स्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों और CRPF के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य की स्थिति की समीक्षा की. सरकार की ओर से सुरक्षा बलों के सहयोग से हालात को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है.