मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर कपल गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर पिछले काफी समय से जारी अटकलों पर अब पूर्णविराम लगता नजर आ रहा है। मुंबई की बांद्रा फैमिली कोर्ट में बेटे यशवर्धन के साथ पहुंचीं सुनीता आहूजा ने कानूनी तौर पर तलाक की अपनी अर्जी वापस ले ली है। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के बीच चल रहा यह कानूनी विवाद अब आधिकारिक रूप से खत्म हो चुका है। शादी के लगभग चार दशक बाद आए इस मोड़ ने उनके प्रशंसकों को बड़ी राहत दी है। 39 साल की शादी में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले इस कपल के लिए यह फैसला एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकता है। शादी के लगभग चार दशक बाद आए इस मोड़ ने उनके प्रशंसकों को बड़ी राहत दी है।
बयानों का दौर और अचानक बदला फैसला
बीते दिनों दोनों के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो चुके थे। सुनीता, गोविंदा के खिलाफ तीखी बयानबाजी कर रही थीं। उन्होंने न सिर्फ अपने जीवन में बच्चों को प्राथमिकता देने की बात कही, बल्कि गोविंदा के काम और उनके आसपास के लोगों पर भी खुलकर नाराजगी जताई थी।
पारिवारिक संतुलन या समझदारी का रास्ता?
सुनीता के इस कदम को फिल्म गलियारों में बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि दोनों ने लंबे समय से चले आ रहे विवाद को कोर्ट की चौखट के बजाय घर में ही सुलझाना बेहतर समझा।
बच्चों की स्थिरता और इतने सालों के रिश्ते का लिहाज रखते हुए यह फैसला लिया गया लगता है। कोर्ट के बाहर जब कैमरों ने सुनीता को घेरा तो हमेशा बेबाक रहने वाली सुनीता शांत रहीं और बात को टालते हुए नजर आईं, जो यह संकेत देता है कि अब वह इस पूरे मामले को तूल नहीं देना चाहतीं।
भविष्य की ओर एक नया कदम
39 साल की शादी में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले इस कपल के लिए यह फैसला एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकता है। मैनेजर के अनुसार, इस पूरे विवाद के दौरान गोविंदा शांत रहे और उन्होंने कोई आक्रामक रुख नहीं अपनाया। भले ही वजह जो भी रही हो, बच्चों का भविष्य या फिर सालों पुराने रिश्ते का सम्मान। सुनीता का कानूनी कदम पीछे खींचना इस बात का साफ संदेश है कि दोनों अभी अपनी शादी को एक और मौका देना चाहते हैं। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के बीच चल रहा यह कानूनी विवाद अब आधिकारिक रूप से खत्म हो चुका है। शादी के लगभग चार दशक बाद आए इस मोड़ ने उनके प्रशंसकों को बड़ी राहत दी है।