जयपुर: राजस्थान राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश में करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही रिफाइनरी परियोजना के पहले चरण के तहत हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड राज्यभर में 300 से अधिक नए पेट्रोल पंप खोलने जा रही है. इस मेगा प्रोजेक्ट से न केवल राज्य में नया निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर उद्योगों और रोजगार के अवसरों को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 4 जुलाई को इस रिफाइनरी परियोजना का उद्घाटन करने जा रहे हैं.
परियोजना की गति को तेज करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में एचपीसीएल और एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में सरकारी भूमि को लीज पर देकर पेट्रोल पंप स्थापित करने के मामले में अब तक हुई प्रगति का जायजा लिया गया.
इस योजना के तहत अब तक राज्य में 304 स्थानों को चिन्हित किया जा चुका है. इन नए रिटेल आउटलेट्स को धरातल पर उतारने के लिए एचपीसीएल करीब 400 करोड़ रुपए का निवेश करेगी. बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि सरकारी भूमि को एचपीसीएल को आवंटित करने के नियमों को सरल बनाने के लिए 31 जुलाई तक एक नई समर्पित नीति तैयार की जाएगी.
एचपीसीएल और एचआरआरएल ने राज्य सरकार से एक विशेष अनुरोध भी किया है. अधिकारियों ने मांग की है कि राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम के तहत सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली ईंधन खरीद में उन्हें 'प्रेफरेंशियल सप्लायर' का दर्जा दिया जाए. इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजस्थान में स्थापित हो रही एचआरआरएल रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता का शत-प्रतिशत और अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित करना है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस' के एक कार्यक्रम में राज्य की आर्थिक प्रगति का रोडमैप साझा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) राजस्थान की आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के मुख्य आधार हैं. मुख्यमंत्री ने कहा हमारी कोशिश स्थानीय प्रोडक्ट्स को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की है.
सरकार की अनुकूल नीतियों और उद्यमियों की मेहनत के चलते आज राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य बन चुका है. जहां 33 लाख से अधिक MSME इकाइयां कार्यरत हैं. हम विकास के साथ अपनी विरासत को भी सहेजते हुए राजस्थान को देश का अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं.