जम्मू-कश्मीर के डोडा में फटा बादल, अचानक आई बाढ़ में बह गई कई गाड़ियां

रामबन जिले में मंगलवार को भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) बंद हो गया. गिरती चट्टानों ने यातायात को पूरी तरह रोक दिया. अधिकारियों ने यात्रियों से इस मार्ग पर न आने की सलाह दी है.

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Courtesy: Social Media

Doda Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा इलाके में भारी बारिश के बीच बादल फटने की खबर ने हड़कंप मचा दिया है. भूस्खलन और बाढ़ ने कई क्षेत्रों में तबाही मचाई है. मिल रही जानकारी के मुताबिक तीन लोगों की मौत हो गई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है.  

रामबन जिले में मंगलवार को भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) बंद हो गया. गिरती चट्टानों ने यातायात को पूरी तरह रोक दिया. अधिकारियों ने यात्रियों से इस मार्ग पर न आने की सलाह दी है. रियासी में भी कटरा-शिवखोरी राजमार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध है. जिसकी वजह से कई रूट को डायवर्ट कर दिया गया है.

नदियों का जलस्तर खतरे के निशान पर  

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कठुआ, सांबा, डोडा, रामबन और उधमपुर जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. सांबा में बसंतर नदी 9.0 फीट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है. उधमपुर में तवी नदी खतरे के निशान से सात फीट ऊपर बह रही है. कठुआ में तरनाह और उझ नाले भी उफान पर हैं. चिनाब और रावी नदियों का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है.  

हाई अलर्ट पर प्रशासन 

बादल फटने के बाद बचाव के लिए एसडीआरएफ की टीमें तैनात किया गया है. लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने किश्तवाड़ में बादल फटने से घायल लोगों से मुलाकात की और डॉक्टरों की तारीफ की. हालांकि जम्मू-कश्मीर से पहले उत्तराखंड के धराली ्में बादल फटने की घटना हो चुकी है. इस घटना में कई लोगों की जान चली गई, वहीं कई लोग मलबे के नीचे दब गए थे. मौसम में हो रहे बदलाव को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को यात्रा करने की सलाह दी गई है. साथ ही नदी किनारे जाने से मना किया गया है.