भदोही: घर के भीतर होने वाले झगड़े अक्सर कुछ समय बाद शांत हो जाते हैं, लेकिन कई बार गुस्से का एक पल ऐसी दर्दनाक घटना में बदल जाता है, जिसे पूरा परिवार जिंदगी भर नहीं भूल पाता. उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है. यहां एक 17 वर्षीय बेटी अपने पिता और चाची के बीच हो रहे विवाद को रोकने के लिए आगे आई थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि उसी कोशिश की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी.
यह मामला चौरी थाना क्षेत्र के वेदमनपुर रोटहा गांव का है. पुलिस के अनुसार, गांव निवासी राजेश यादव का अपनी भाभी के साथ उपले बेचने की बात पर विवाद हो गया. पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, फिर बात मारपीट तक पहुंच गई. घर में हंगामा सुनकर राजेश की 17 वर्षीय बेटी सुषमा बाहर आई. उसने परिवार के लोगों को समझाने और झगड़ा खत्म कराने का प्रयास किया ताकि मामला और न बढ़े.
बताया जा रहा है कि उस समय राजेश बेहद गुस्से में था. उसने पहले अपनी बेटी को जोर से धक्का दिया, जिससे वह नीचे गिर गई. इसके बाद भी उसका गुस्सा कम नहीं हुआ. उसने पास में रखा पशुओं को बांधने वाला लकड़ी का खूंटा उठाया और सुषमा के सिर पर पूरी ताकत से वार कर दिया. चोट इतनी गंभीर थी कि उसके सिर और कान से खून बहने लगा. यह देखकर घर में मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत उसे अस्पताल ले गए.
परिजन पहले सुषमा को नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया. हालांकि इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया.
सुषमा ने हाल ही में ग्रेजुएशन में प्रवेश लिया था. परिवार को उससे कई उम्मीदें थीं और वह भी पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहती थी. लेकिन एक पल के बेकाबू गुस्से ने उसके सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया.
घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया. आरोपी पिता राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की जा रही हैं.