'कांग्रेस ने बाबासाहेब का विरोध किया', PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रति भेदभाव करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अंबेडकर के प्रति नापसंदगी ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है.

Date Updated Last Updated : 06 February 2025, 05:18 PM IST
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Courtesy: 'सबका साथ, सबका विकास कांग्रेस के लिए असंभव'

Narendra Modi in Rajya Sabha: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रति भेदभाव करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अंबेडकर के प्रति नापसंदगी ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "बाबासाहेब जो भी कहते थे, वह कांग्रेस को असहज कर देता था. हमें सिर्फ इसलिए इतिहास नहीं देखना चाहिए क्योंकि मैं यह कह रहा हूँ, बल्कि यह देखना चाहिए कि कांग्रेस ने अंबेडकर के साथ कैसा व्यवहार किया."

'सबका विकास कांग्रेस के लिए असंभव'

उन्होंने आगे कहा, "सब कुछ दस्तावेजों में दर्ज है, इसे प्रमाणित किया जा सकता है. कांग्रेस ने बाबासाहेब को चुनावों में हराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी, क्योंकि वे उन्हें बर्दाश्त नहीं कर सकते थे. कांग्रेस ने उन्हें भारत रत्न के योग्य तक नहीं समझा."
पीएम मोदी ने कांग्रेस की राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का विचार कांग्रेस के लिए समझ पाना मुश्किल है.

उन्होंने कहा, "हम यहां सभी के विकास की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेस को यह स्वीकार करने में कठिनाई होती है. यही कारण है कि देश ने हमें यहां बैठने का अवसर दिया है."

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, "कांग्रेस से ‘सबका साथ, सबका विकास’ की उम्मीद करना बहुत बड़ी गलती होगी. यह उनकी विचारधारा से परे है और उनके एजेंडे में फिट नहीं बैठता. कांग्रेस ने ऐसा राजनीतिक मॉडल तैयार किया है जिसमें झूठ, परिवारवाद और तुष्टीकरण को प्रमुखता दी गई है. जब इस तरह की राजनीति होती है, तो ‘सबका साथ’ संभव ही नहीं हो सकता."

उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, "कांग्रेस की नीति, उनकी कार्यशैली, उनके भाषण और उनके निर्णय केवल एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमते हैं. यही कारण है कि वे समावेशी विकास के विचार को कभी आत्मसात नहीं कर सकते."

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