मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा, भारत ने नागरिकों से कहा- तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों के लिए अहम ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. दूतावास ने सुरक्षा को लेकर कई जरूरी निर्देश दिए हैं और सतर्क रहने की अपील की है.

Date Updated Last Updated : 20 July 2026, 10:29 AM IST
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Courtesy: gemini

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया को एक बार फिर अस्थिर कर दिया है. दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है. इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए नई यात्रा सलाह जारी की है, जिसमें फिलहाल ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद भारतीयों से जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है.

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को जारी एडवाइजरी में कहा कि हाल के दिनों में ईरान में हिंसा और अस्थिरता की घटनाओं में तेजी आई है. ऐसे हालात में किसी भी प्रकार की यात्रा जोखिम भरी हो सकती है. दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भारतीय नागरिक किसी भी कारण से ईरान जाने की योजना बना रहे हैं, वे फिलहाल अपनी यात्रा टाल दें. सुरक्षा स्थिति में सुधार होने तक यात्रा न करने की सलाह दी गई है.

ईरान में मौजूद भारतीयों से जल्द निकलने की अपील

दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स का उपयोग कर जल्द से जल्द वहां से बाहर निकलने का आग्रह किया है. अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान हालात तेजी से बदल रहे हैं और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचना जरूरी है. भारतीय मिशन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संपर्क में है.

जो लोग बाहर नहीं निकल सकते, उन्हें क्या करना चाहिए?

दूतावास ने उन भारतीयों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो फिलहाल ईरान छोड़ने में सक्षम नहीं हैं. उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने और हर नए घटनाक्रम पर नजर रखने की सलाह दी गई है. विशेष रूप से ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है, क्योंकि वहां सुरक्षा जोखिम अधिक बताया गया है. साथ ही स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया गया है.

दूतावास के साथ पंजीकरण कराने की सलाह

भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से अपने संपर्क विवरण दूतावास के साथ साझा करने और पंजीकरण कराने को कहा है. इससे आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने में आसानी होगी. इसके अलावा दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया खातों पर जारी होने वाले अपडेट्स को नियमित रूप से देखने की सलाह दी गई है.

आठ दिनों से जारी है तनाव

भारत की यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच पिछले आठ दिनों से लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई हैं. दोनों देश एक-दूसरे पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं. अमेरिका ने लगातार कई दिनों तक ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए.

क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी दिखाई दे रहा है. जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरान की तीन मिसाइलों को मार गिराया. इससे साफ है कि संघर्ष का दायरा केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालिया अमेरिकी हमलों में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. दूसरी ओर अमेरिका ने भी पुष्टि की है कि हाल की सैन्य कार्रवाई में उसके दो सैनिक मारे गए हैं.

भारत की चिंता बढ़ी

पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गए हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक इस क्षेत्र में रहते और काम करते हैं. सरकार की प्राथमिकता फिलहाल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है. दूतावास ने एक बार फिर दोहराया है कि भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करें.

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