7.5 तीव्रता का भयंकर भूकंप! जापान में सुनामी का खतरा, तटीय इलाकों में हड़कंप

जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आए एक शक्तिशाली भूकंप ने सोमवार को पूरे क्षेत्र में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया. तेज झटकों के साथ ही क्षेत्र में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है

Date Updated Last Updated : 20 April 2026, 02:41 PM IST
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Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: एक बार फिर से जापान की धरती भूकंप के झटकों से कांप गई. जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आए एक शक्तिशाली भूकंप ने सोमवार को पूरे क्षेत्र में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया. तेज झटकों के साथ ही क्षेत्र में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के निर्देश दिए गए. प्रशासन ने तेजी से सक्रिय होते हुए हालात पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दिया है.

7.5 तीव्रता का आया भूकंप 

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, यह भूकंप रिक्टर स्केल पर 7.5 तीव्रता का था और इसका केंद्र प्रशांत महासागर में लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था. इवाते, आओमोरी और होक्काइडो जैसे तटीय प्रांतों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरों की आशंका जताई गई है. सरकार ने तत्काल सतर्कता बढ़ाते हुए लोगों को तट से दूर रहने की सलाह दी है.

सुनामी का खतरा 

सरकार द्वारा भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. एनएचके पर प्रसारित दृश्य में हाचिनोहे बंदरगाह से जहाजों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाते हुए देखा गया. प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से बिना देर किए ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है.

परिवहन सेवाओं पर असर

भूकंप के झटकों का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा. टोक्यो और आओमोरी के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन सेवाओं को एहतियातन रोक दिया गया. जापान के भूकंपीय पैमाने पर इसकी तीव्रता 'ऊपरी 5' दर्ज की गई, जो संकेत देती है कि झटके इतने तेज थे कि सामान्य आवागमन भी मुश्किल हो गया.

बिजली और परमाणु संयंत्रों की जांच

इस कारण ऊर्जा कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं. टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी और तोहोकू इलेक्ट्रिक पावर ने बताया कि उनकी सुविधाओं की जांच जारी है. हालांकि क्षेत्र में कोई सक्रिय परमाणु संयंत्र नहीं है, फिर भी ओनागावा संयंत्र का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी संभावित खतरे को टाला जा सके.

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